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Chaitra Navratri 2026: सप्तमी पर माँ कालरात्रि की आराधना, साथ ही जानें कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और विधि

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कानपुर| मंगलवार, 24 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन पूरे उत्तर प्रदेश में माँ कालरात्रि की पूजा अर्चना श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जायेगा। प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चौक स्थित बड़ी काली जी मंदिर और कानपुर के वैभव लक्ष्मी व तपेश्वरी देवी मंदिर में सुबह 4 बजे से ही भक्तों का तांता लग जाएगा। 26 मार्च को नवरात्रि की सबसे महत्वपूर्ण तिथि ‘महाष्टमी’ मनाई जाएगी।

माँ कालरात्रि: भय और बाधाओं का नाश करने वाली देवी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ कालरात्रि काल का विनाश करने वाली हैं। भक्तों के लिए वे “शुभंकरी” हैं, जो शत्रुओं और नकारात्मक ऊर्जा का नाश कर जीवन में सुख-समृद्धि लाती हैं।

  • विशेष भोग: आज मंदिरों में माँ को गुड़ और उससे बनी मिठाइयों का नैवेद्य अर्पित किया जा रहा है।

  • महत्व: पुजारियों के अनुसार, सप्तमी की रात्रि को ‘सिद्धियों की रात’ भी कहा जाता है, जिसमें की गई साधना विशेष फलदायी होती है।

महाष्टमी 2026: कल होगा कन्या पूजन (Kanya Pujan Muhurat)

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार अष्टमी और नवमी की तिथियों को लेकर कुछ स्थानों पर मतभेद हैं, लेकिन उदयातिथि के अनुसार महाष्टमी 26 मार्च (गुरुवार) को मनाई जाएगी।

आयोजन तिथि शुभ मुहूर्त
महाष्टमी पूजा 26 मार्च 2026 सुबह 06:20 से 07:52 बजे तक
संधि पूजा 26 मार्च 2026 सुबह 11:24 से दोपहर 12:12 बजे तक
कन्या पूजन 26 मार्च 2026 सुबह 07:30 के बाद श्रेष्ठ

नोट: जो भक्त नवमी के दिन कन्या पूजन करते हैं, उनके लिए 27 मार्च को रामनवमी के अवसर पर सुबह 10:00 बजे से पहले पूजन करना शुभ रहेगा।

प्रशासनिक सतर्कता: चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद प्रदेश भर के शक्तिपीठों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं:

  1. ड्रोन और CCTV से निगरानी: मिर्जापुर (विंध्याचल), बलरामपुर (देवीपाटन) और लखनऊ के प्रमुख मंदिरों को जोन और सेक्टर में बांटकर ड्रोन कैमरों से मॉनिटरिंग की जा रही है।

  2. एंटी-रोमियो स्क्वॉड: महिला भक्तों की सुरक्षा के लिए सादी वर्दी में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

  3. स्वच्छता अभियान: मंदिरों के आसपास ‘प्लास्टिक-मुक्त’ क्षेत्र घोषित किया गया है और अतिरिक्त सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।

भक्तिमय वातावरण

वाराणसी के घाटों से लेकर अयोध्या की गलियों तक, जय माता दी के जयकारों से पूरा प्रदेश गूंज रहा है। जगह-जगह भंडारों और जागरणों का आयोजन हो रहा है। ज्योतिषियों का कहना है कि इस वर्ष माँ का आगमन ‘पालकी’ पर हुआ है और प्रस्थान ‘हाथी’ पर होगा, जो आने वाले समय में देश के लिए सुख, शांति और समृद्धि का संकेत है।

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