कानपुर | शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026
उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र कानपुर की अनाज मंडियों (चकरपुर और नौबस्ता) में आज व्यापारिक गतिविधियां सामान्य बनी रहीं। नए व्यापारिक सत्र के दौरान गेहूं, दालों और चावल की कीमतों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव दर्ज नहीं किया गया है। मंडी समिति के विशेषज्ञों और वरिष्ठ व्यापारियों के अनुसार, वर्तमान में आवक (Arrivals) और मांग (Demand) के बीच बेहतर तालमेल होने के कारण बाजार में स्थिरता का माहौल है।
प्रमुख फसलों के ताजा मंडी भाव (प्रति क्विंटल)
नीचे दी गई तालिका में कानपुर मंडी के आज के औसत थोक भाव दर्शाए गए हैं:
| अनाज/फसल श्रेणी | न्यूनतम भाव (₹) | अधिकतम भाव (₹) |
| गेहूं (सामान्य/दड़ा) | 2,300 | 2,625 |
| आरआर गेहूं | 2,700 | 2,750 |
| फार्म/प्रीमियम गेहूं | 2,800 | 2,850 |
| बासमती चावल (नंबर 1) | 10,500 | 11,000 |
| सेला चावल | 3,000 | 4,000 |
| अरहर (साबुत) | 7,000 | 11,300 |
| उड़द (काला/हरा) | 5,500 | 13,700 |
| चना (साबुत) | 5,000 | 5,100 |
| सरसों (तिलहन) | 5,400 | 5,450 |
| मखाना | 38,000 | 40,000 |
कानपुर चकरपुर मंडी भाव: गेहूं और अरहर की कीमतों में मजबूती
बाजार का गहन विश्लेषण और सुधार
1. गेहूं बाजार की स्थिति: बाजार में गेहूं की आवक अब स्थिर होने लगी है। हालांकि कुछ दिनों पहले सरकारी खरीद (MSP) के सक्रिय होने से निजी बाजार में कीमतों पर दबाव देखा गया था, लेकिन वर्तमान में ₹2,300 से ₹2,850 का दायरा गुणवत्ता के आधार पर बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निर्यात नीतियों में कोई बदलाव नहीं होता है, तो अगले 15 दिनों तक भाव इसी स्तर पर टिके रह सकते हैं।
2. दलहन और तिलहन: अरहर और उड़द की कीमतों में काफी विविधता देखी जा रही है। इसका मुख्य कारण स्थानीय पैदावार के साथ-साथ आयातित माल की उपलब्धता है। सरसों के भाव ₹5,400 के आसपास स्थिर हैं, जो किसानों के लिए संतोषजनक माने जा रहे हैं।
कानपुर मंडी भाव 20 अप्रैल 2026: सरसों की कीमतों में जबरदस्त उछाल
3. चावल और प्रीमियम उत्पाद: बासमती चावल के भाव ₹11,000 प्रति क्विंटल तक पहुंचना अंतरराष्ट्रीय मांग में मजबूती का संकेत है। वहीं, मखाना अभी भी मंडी का सबसे महंगा उत्पाद बना हुआ है, जिसकी थोक कीमतें ₹400 प्रति किलो (₹40,000/क्विंटल) के स्तर को छू रही हैं।
व्यापारियों की राय
मंडी के वरिष्ठ व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान में उपभोक्ता मांग सामान्य है। हालांकि, शादियों के सीजन की शुरुआत के साथ ही आने वाले हफ्तों में चावल और मसालों की मांग में तेजी आने की संभावना है, जिससे कीमतों में 2-5% का उछाल देखा जा सकता है।
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अस्वीकरण: मंडी के भाव दिन भर होने वाली नीलामी और माल की गुणवत्ता के आधार पर बदलते रहते हैं। किसानों और व्यापारियों को सलाह दी जाती है कि वे सौदा करने से पहले मंडी कार्यालय से ताजा दरों की पुष्टि अवश्य करें।
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