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UP ATS की बड़ी कार्रवाई: दिल्ली का समीर खान आतंकी साजिश के आरोप में गिरफ्तार; पार्सल के बहाने बिछाया गया जाल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

दिल्ली । शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026

दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक संयुक्त अभियान के तहत आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी निवासी समीर खान को उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (UP ATS) ने आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के संदेह में गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तारी का नाटकीय घटनाक्रम

परिजनों और जांच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, समीर खान को पकड़ने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने ‘हनी ट्रैप’ की तर्ज पर ‘पार्सल ट्रैप’ का सहारा लिया। 21 अप्रैल को समीर के पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें उसे उसका एक कीमती पार्सल सीमापुरी रोड से कलेक्ट करने को कहा गया। जब समीर वहां पहुँचा, तो सादे कपड़ों में तैनात UP ATS की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।

GTB अस्पताल में अर्दली था आरोपी

समीर खान पिछले दो वर्षों से दिल्ली के प्रसिद्ध गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में अस्थायी रूप से नर्सिंग अर्दली के रूप में कार्यरत था। अस्पताल प्रशासन और उसके सहकर्मी इस खबर से स्तब्ध हैं, क्योंकि समीर का व्यवहार सामान्य था। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि वह पड़ोसियों से बहुत कम बातचीत करता था।

डिजिटल साक्ष्य और विदेशी कनेक्शन

जांच एजेंसियों के अनुसार, समीर खान की ऑनलाइन गतिविधियां संदिग्ध थीं। वह सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी सामग्री के संपर्क में था।

  • ब्रेनवॉश की आशंका: संदेह है कि पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद के जरिए समीर का ब्रेनवॉश किया गया था।

  • भड़काऊ भाषण: समीर के मोबाइल से कई ऐसे वीडियो और चैट मिले हैं जो प्रतिबंधित संगठनों की विचारधारा से प्रेरित हैं।

परिजनों का पक्ष और पुलिस की कार्रवाई

समीर की बहन ने सीमापुरी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस को उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिली। समीर के पिता, हनीफ खान ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि उनके बेटे को फंसाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण परिवार उसे कानूनी सहायता देने के लिए लखनऊ जाने में असमर्थ है।

नोट : कुछ शुरुआती रिपोर्टों में इसे अपहरण का मामला बताया जा रहा था, लेकिन आधिकारिक पुष्टि के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि यह UP ATS द्वारा की गई एक वैधानिक गिरफ्तारी है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।