प्रयागराज । बुधवार, 24 जून, 2026
माफिया अतीक अहमद भले ही अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन अपने आतंक के दम पर खड़ा किया गया उसका अवैध आर्थिक साम्राज्य और बेनामी संपत्तियों का काला जाल अभी भी प्रयागराज में मौजूद है। उत्तर प्रदेश सरकार और प्रयागराज पुलिस प्रशासन ने अतीक अहमद से जुड़े इसी आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है।
ताजा घटनाक्रम में, अतीक अहमद और उसके करीबियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई बेनामी संपत्तियों की गहन पड़ताल के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से अपराध के जरिए जुटाए गए धन से खड़ी की गई काली संपत्तियों का पूरी तरह पर्दाफाश हो सकेगा।
अधिवक्ता की शिकायत पर शुरू हुई कार्रवाई: मदनलाल भारतीया का नाम आया सामने
यह पूरी कार्रवाई प्रयागराज के वरिष्ठ अधिवक्ता केपी श्रीवास्तव की एक औपचारिक शिकायत के आधार पर शुरू हुई है। शिकायत में बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसके मुताबिक:
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अतीक अहमद और उसके परिजनों ने अपने पुराने परिचित और चकिया के रहने वाले मदनलाल भारतीया को मोहरा बनाया।
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मदनलाल भारतीया के नाम पर धूमनगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न इलाकों में करोड़ों रुपये की कीमती संपत्तियां (Plat/Land) खरीदी गईं।
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इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में इस्तेमाल हुआ पूरा पैसा कथित तौर पर अतीक अहमद के आपराधिक नेटवर्क से आया था, जो सीधे तौर पर ‘बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम’ का उल्लंघन है।
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए एडिशनल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) डॉ. अजय पाल शर्मा ने बिना देर किए इन संपत्तियों की व्यापक जांच के आदेश जारी कर दिए।
SIT में शामिल किए गए दिग्गज अधिकारी: जानिए कौन करेगा जांच
इस हाई-प्रोफाइल मामले की निष्पक्ष और तकनीकी रूप से मजबूत जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक 5 सदस्यीय संयुक्त एसआईटी (SIT) का गठन किया है। इस टीम में पुलिस, राजस्व और विकास प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों को शामिल किया गया है:
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मनीष कुमार शांडिल्य (DCP सिटी)
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सत्यम मिश्रा (ADM सिटी)
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अरविंद राय (अपर नगर आयुक्त)
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राकेश चंद्रा (AIG स्टांप)
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विनीत कुमार सिंह (सचिव, प्रयागराज विकास प्राधिकरण – PDA)
इस बहुआयामी टीम का उद्देश्य यह है कि जांच के दौरान कानून, राजस्व (Revenue), स्टांप चोरी और अवैध निर्माण जैसे सभी पहलुओं की एक साथ पड़ताल की जा सके।
3 दिन का अल्टीमेटम और हर सोमवार को देनी होगी रिपोर्ट
प्रयागराज प्रशासन इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। जांच प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध (Time-bound) बनाने के लिए एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं:
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तत्काल शुरुआत: एसआईटी को आदेश जारी होने के तीन दिनों के भीतर अपनी आधिकारिक जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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साप्ताहिक प्रोग्रेस रिपोर्ट: टीम को हर सप्ताह की प्रगति पर कड़ी नजर रखनी होगी। प्रत्येक सोमवार को पूरी टीम के संयुक्त हस्ताक्षर के साथ एक ‘साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट’ एडिशनल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) को सौंपनी अनिवार्य की गई है।
क्या होगा जांच का मुख्य दायरा?
एसआईटी मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करेगी:
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संपत्तियों के वास्तविक और कागजी स्वामित्व (Ownership) की कड़ियों को जोड़ना।
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रजिस्ट्री और खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच करना।
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संपत्तियों को खरीदते समय किए गए वित्तीय लेन-देन (Bank Accounts & Cash Flow) के स्रोतों का पता लगाना।
कानूनी रुख: यदि जांच में यह साबित हो जाता है कि ये संपत्तियां अवैध रूप से अर्जित धन से खरीदी गई थीं, तो बेनामी संपत्ति कानून के तहत इन्हें तुरंत कुर्क (Seize) कर लिया जाएगा और संबंधित मददगारों के खिलाफ सख्त आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
मुख्य बातें (Quick Highlights):
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अधिवक्ता केपी श्रीवास्तव की शिकायत पर प्रयागराज प्रशासन ने लिया बड़ा एक्शन।
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धूमनगंज क्षेत्र में चकिया निवासी मदनलाल भारतीया के नाम पर दर्ज संपत्तियां रडार पर।
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एडिशनल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) डॉ. अजय पाल शर्मा ने जारी किए जांच के सख्त आदेश।
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5 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) को हर सोमवार सौंपनी होगी प्रोग्रेस रिपोर्ट।
Matribhumisamachar


