लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के पिछड़ा वर्ग के छात्रों और दिव्यांगजनों के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया है। मंगलवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
छात्रवृत्ति राशि और आय सीमा में वृद्धि
सरकार ने पिछड़ा वर्ग के पूर्वदशम (प्री-मैट्रिक) विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति राशि में ₹750 की बढ़ोतरी की है। अब पात्र छात्रों को अधिकतम ₹3000 तक छात्रवृत्ति दी जाएगी, जो पहले ₹2250 थी।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रवृत्ति के लिए वार्षिक आय सीमा को भी ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹2.5 लाख कर दिया है। इस बदलाव से लाभार्थियों का दायरा बढ़ेगा और उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में लगभग 38 लाख विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
दिव्यांगजनों के लिए पेंशन और ई-ट्राईसाइकिल
दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में सरकार ने पेंशन राशि को ₹1000 से बढ़ाकर ₹1500 प्रति माह करने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि 2017 से पहले यह राशि मात्र ₹300 थी। इसके अलावा:
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ई-ट्राईसाइकिल योजना: दिव्यांग छात्राओं के लिए ₹60 करोड़ की लागत से नई ई-ट्राईसाइकिल योजना शुरू की गई है।
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पुनर्वास केंद्र: प्रदेश के सभी मंडलों में दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के लिए ₹7 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
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विश्वविद्यालय: चित्रकूट स्थित ₹500 करोड़ की लागत वाला दिव्यांग विश्वविद्यालय अब पूर्णतः राज्य सरकार के अधीन आ चुका है।
बजट में बड़ी बढ़ोतरी
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभागीय बजट में भी महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है:
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पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग: ₹3402 करोड़ (पिछले वर्ष से 9% अधिक)।
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दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग: ₹2140 करोड़।
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शादी अनुदान: इस योजना के लिए ₹210 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसकी आय सीमा अब ₹1 लाख वार्षिक होगी।
समय से वितरण पर जोर
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने जानकारी दी कि अब छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों को वित्तीय वर्ष के अंत (31 मार्च) तक इंतजार नहीं करना पड़ता। इस वर्ष 25 सितंबर से ही वितरण शुरू कर दिया गया था और अब तक 20 लाख छात्र-छात्राओं के खातों में राशि भेजी जा चुकी है।
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