नई दिल्ली. केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बुधवार को नेशनल काउंसिल-JCM (स्टाफ साइड) की ड्राफ्टिंग कमेटी की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरकार को सौंपे जाने वाले संयुक्त ज्ञापन (Memorandum) के मसौदे पर करीब दो घंटे तक गहन मंथन हुआ।
वेतन और भत्तों पर विस्तृत चर्चा
रेलवे कर्मचारियों की सबसे बड़ी यूनियन (AIRF) के महामंत्री और स्टाफ साइड के दिग्गज नेता शिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि इस बैठक में उन 18 प्रमुख सवालों पर चर्चा की गई जो कर्मचारियों के भविष्य से जुड़े हैं। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
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फिटमेंट फैक्टर: कर्मचारी संगठन 3.25 फिटमेंट फैक्टर की मांग पर अड़े हैं।
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वेतन वृद्धि: वर्तमान की 3% सालाना वृद्धि की जगह 7% वार्षिक वेतन वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
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न्यूनतम वेतन: नए वेतन ढांचे में न्यूनतम मूल वेतन को बढ़ाने और भत्तों के नए समीकरणों पर चर्चा हुई।
स्वायत्त संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए उठी आवाज
बैठक में ऑल इंडिया NPS इंप्लॉईज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि 1961 से चली आ रही व्यवस्था को बदलते हुए केंद्रीय स्वायत्त निकायों (Autonomous Bodies) और केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों को भी JCM में प्रतिनिधित्व दिया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि ये कर्मचारी भी केंद्र के नियमों का पालन करते हैं, लेकिन प्रतिनिधित्व न होने से उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ता है।
10 मार्च के बाद होगी अगली बैठक
फिलहाल चर्चा पूरी नहीं हो सकी है। शिव गोपाल मिश्रा के अनुसार, अगली महत्वपूर्ण बैठक 10 मार्च के बाद बुलाई जाएगी। इसी बैठक में ज्ञापन (Memorandum) को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसे बाद में 8वें वेतन आयोग को सौंपा जाएगा।
लाखों कर्मचारियों को है इंतजार
गौरतलब है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा असर देश के 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख से ज्यादा पेंशनर्स पर पड़ेगा। कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और बेहतर फिटमेंट फैक्टर की मांग को प्रमुखता से आयोग के सामने रखेंगे।
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