गुरुवार, सितंबर 17 2026 | 03:10:11 AM

ISI नेटवर्क का पटोरी कनेक्शन: मुंबई में बिरयानी बेचने वाला निकला ‘आतंकी मददगार’, गुजरात ATS का बड़ा खुलासा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

पटना | शनिवार,  25 अप्रैल 2026

बिहार का समस्तीपुर जिला एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों के राडार पर है। शाहपुर पटोरी अनुमंडल के शिउरा पंचायत का एक 21 वर्षीय युवक, मुर्शीद जहीर अख्तर शेख, अब गुजरात एटीएस की गिरफ्त में है। मुंबई के नागपाड़ा इलाके में बिरयानी की दुकान चलाने वाले इस युवक पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) के लिए जासूसी करने और आतंकी गतिविधियों में सहयोग देने का गंभीर आरोप है।

बिरयानी की दुकान: जासूसी का ‘सेफ कवर’

जांच एजेंसियों के अनुसार, मुर्शीद अपने भाइयों के साथ मुंबई में रहता था। आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले इस परिवार के अन्य सदस्य मजदूरी करते हैं, जबकि मुर्शीद एक भाई के साथ होटल/बिरयानी की दुकान संचालित करता था। एटीएस को संदेह है कि इसी दुकान की आड़ में वह संवेदनशील सूचनाएं जुटा रहा था और सीमा पार बैठे अपने आकाओं के संपर्क में था।

अपराध और सुरक्षा जांच रिपोर्ट

नई जानकारी और सुधार (Latest Updates & Corrections)

  • उम्र और पहचान: मुर्शीद की उम्र महज 21 वर्ष है और वह शिउरा पंचायत के वार्ड संख्या 8 निवासी मोहम्मद जाहिद का पुत्र है।

  • पिछला रिकॉर्ड: स्थानीय सूत्रों और मुखिया सुबोध कुमार चौधरी के अनुसार, मुर्शीद करीब 7-8 महीने पहले गांव आया था। उसके व्यवहार में कभी कोई संदिग्ध बदलाव नहीं दिखा, जिससे यह अंदेशा और गहरा जाता है कि वह एक ‘स्लीपर सेल’ की तरह काम कर रहा था।

  • अन्तर्राष्ट्रीय सिंडिकेट: यह गिरफ्तारी केवल एक व्यक्ति की नहीं है। 1 मार्च 2026 को NIA ने पटोरी से ही ₹2 लाख के इनामी जाली नोट तस्कर नूर मोहम्मद को दबोचा था। इन दोनों घटनाओं के बीच के संभावित लिंक की भी जांच की जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई

गुजरात एटीएस अब मुर्शीद के मोबाइल डेटा, बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच कर रही है। प्रारंभिक इनपुट के अनुसार, इस नेटवर्क के तार बिहार के अन्य जिलों और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।