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भारतीय वायु सेना का शक्ति प्रदर्शन: S-400 ‘सुदर्शन’ ने रचा इतिहास, जानें क्या है ‘ऑपरेशन सिंदूर’

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारतीय वायु सेना (IAF) ने अपनी सामरिक शक्ति का प्रदर्शन करते हुए रूस निर्मित अत्याधुनिक S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम का एक नया फायरिंग वीडियो जारी किया है। यह वीडियो ऐसे समय में आया है जब वायु सेना राजस्थान में होने वाले मेगा अभ्यास ‘वायु शक्ति’ की तैयारियों में जुटी है।

सैन्य इतिहास की सबसे लंबी ‘एयर किल’

जारी किए गए फुटेज में मिसाइल को लॉन्च होते हुए और दुश्मन के रडार सिग्नेचर को ट्रैक करते हुए दिखाया गया है। वायु सेना ने इसे “सैन्य इतिहास की अब तक की सबसे लंबी एयर किल” का संकेत देने वाला बताया है। वीडियो के साथ एक कड़ा संदेश भी साझा किया गया:

“दुश्मन पहुंच से बाहर हो सकता है, लेकिन नजरों से कभी नहीं।”

‘ऑपरेशन सिंदूर’ की यादें हुईं ताजा

हालांकि वायु सेना ने स्पष्ट किया है कि यह एक प्रमोशनल वीडियो है, लेकिन इसमें पिछले साल मई में पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की ऐतिहासिक सफलता का उल्लेख है।

  • लक्ष्य: पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के अंदर करीब 300 किलोमीटर दूर एक विमान को मार गिराया गया।

  • बड़ी उपलब्धि: वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के अनुसार, इस मिशन में पाकिस्तान के एक सिग्नल इंटेलिजेंस विमान के साथ-साथ F-16 और JF-17 श्रेणी के पांच हाई-टेक फाइटर जेट्स को भी निशाना बनाया गया था।

S-400: भारत का अभेद्य ‘सुदर्शन’

भारत ने इस सिस्टम को ‘सुदर्शन’ नाम दिया है। इसकी क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह दुश्मन के विमानों, मिसाइलों और ड्रोनों को सीमा पार किए बिना ही नष्ट कर सकता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान IAF ने कम से कम एक दर्जन पाकिस्तानी विमानों को नष्ट या क्षतिग्रस्त किया, जो भारत की नई लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता का प्रमाण है।

वायु शक्ति अभ्यास की तैयारी

यह वीडियो 27 फरवरी को राजस्थान में होने वाले ‘वायु शक्ति-2026’ अभ्यास के लिए एक टीज़र के रूप में जारी किया गया है। इस अभ्यास में भारत अपनी पूरी हवाई ताकत का प्रदर्शन करेगा, जिसमें स्वदेशी तेजस से लेकर राफेल और S-400 जैसे वैश्विक हथियार शामिल होंगे।

matribhumisamachar.com/

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।