नई दिल्ली | रविवार, 26 अप्रैल 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड के जरिए राष्ट्र को संबोधित किया। चुनावी गहमागहमी के बीच भी प्रधानमंत्री ने राजनीति से दूर देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों, ऊर्जा सुरक्षा, गौरवशाली इतिहास और युवाओं की अंतरराष्ट्रीय सफलताओं पर ध्यान केंद्रित किया। इस लेख में हम उन मुख्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे जिन्होंने आज के संबोधन को खास बना दिया।
⚛️ परमाणु ऊर्जा में ‘स्वदेशी’ क्रांति: कल्पक्कम का कमाल
प्रधानमंत्री ने भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में आए एक ऐतिहासिक मोड़ का उल्लेख किया। तमिलनाडु के कल्पक्कम में स्थित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने सफलतापूर्वक ‘क्रिटिकलिटी’ (Criticality) हासिल कर ली है।
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क्या है क्रिटिकलिटी? यह वह अवस्था है जब रिएक्टर के भीतर परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया (nuclear chain reaction) आत्मनिर्भर हो जाती है। यह परमाणु ऊर्जा उत्पादन की शुरुआत का संकेत है।
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आत्मनिर्भरता: यह रिएक्टर 500 मेगावाट क्षमता का है और पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है। भारत दुनिया के उन गिने-चुने देशों में शामिल हो गया है (रूस के बाद दूसरा) जिसने इस जटिल तकनीक को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है।
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भविष्य की ऊर्जा: ‘ब्रीडर’ रिएक्टर का अर्थ है कि यह जितना ईंधन जलाता है, उससे कहीं अधिक पैदा करता है, जो भारत के थोरियम-आधारित परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
🌬️ पवन ऊर्जा: भारत की अदृश्य लेकिन अपराजेय शक्ति
भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि भारत की विंड एनर्जी (पवन ऊर्जा) क्षमता अब 56 गीगावॉट (GW) के पार पहुँच गई है।
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वैश्विक रैंकिंग: पवन ऊर्जा के मामले में भारत दुनिया में चौथे स्थान पर बना हुआ है।
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ग्रोथ रेट: वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 6.05 गीगावॉट की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 46% अधिक है।
🏛️ इतिहास का ‘डिजिटल द्वार’: अभिलेख पटल (Abhilekh Patal)
प्रधानमंत्री ने भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार (NAI) के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि ‘अभिलेख पटल’ पोर्टल के माध्यम से 200 मिलियन से अधिक ऐतिहासिक दस्तावेजों को डिजिटल रूप में दुनिया के सामने रखा गया है। यह पोर्टल शोधकर्ताओं और इतिहास प्रेमियों के लिए भारत की गौरवशाली विरासत को जानने का एक सशक्त माध्यम बन गया है।
📐 गणित के मैदान में बेटियों का परचम: EGMO 2026
शिक्षा और नारी शक्ति के क्षेत्र में एक प्रेरक खबर साझा करते हुए पीएम ने बताया कि फ्रांस के बोर्डो (Bordeaux) में आयोजित यूरोपियन गर्ल्स मैथेमेटिकल ओलंपियाड (EGMO) 2026 में भारतीय छात्राओं ने इतिहास रचा है।
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ऐतिहासिक गोल्ड: मुंबई की श्रेया मुंधड़ा इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय छात्रा बनीं।
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टीम प्रदर्शन: भारतीय टीम ने कुल 67 देशों में से 6ठा स्थान हासिल किया। इस टीम में संजना फिलो चाको (सिल्वर) और शिवानी भरत कुमार (ब्रोंज) ने भी पदक जीते।
📝 लेख का सारांश और विश्लेषण
| विषय | मुख्य उपलब्धि / विवरण |
| परमाणु ऊर्जा | कल्पक्कम फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल की। |
| स्वच्छ ऊर्जा | भारत की पवन ऊर्जा क्षमता 56 GW पार, विश्व में चौथा स्थान। |
| शिक्षा/युवा | श्रेया मुंधड़ा ने EGMO 2026 में भारत के लिए पहला गोल्ड जीता। |
| इतिहास | ‘अभिलेख पटल’ पोर्टल पर 20 करोड़ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण। |
| संस्कृति | बुद्ध पूर्णिमा पर शांति और आत्मविजय का संदेश। |
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