काबुल. अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच दशकों पुराना सीमा विवाद अब एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया है। गुरुवार को अफगानिस्तान की तालिबान नीत सरकार ने दावा किया कि उनके सुरक्षा बलों ने सीमा पार एक बड़ा जवाबी सैन्य अभियान चलाते हुए पाकिस्तान की 19 सैन्य चौकियों पर नियंत्रण कर लिया है। तालिबान के अनुसार, इस भीषण झड़प में कम से कम 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं।
प्रमुख सैन्य मुख्यालय पर कब्जे का दावा
अफगान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने मीडिया को बताया कि यह कार्रवाई डूरंड लाइन के पास स्थित खोस्त प्रांत के अंजर सर क्षेत्र में की गई। उन्होंने दावा किया कि अफगान बलों ने पाकिस्तानी सेना के एक प्रमुख सैन्य मुख्यालय को भी अपने कब्जे में ले लिया है। इस अभियान का नेतृत्व अफगान सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ फसीहुद्दीन फितरत कर रहे हैं।
तालिबान द्वारा जारी किए गए मुख्य आंकड़े:
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हताहत: 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए (23 शव बरामद करने का दावा)।
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बंदी: कई पाकिस्तानी सैनिकों को जिंदा पकड़ने का दावा।
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हथियार: भारी मात्रा में हल्के और भारी हथियार जब्त; एक टैंक नष्ट।
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वाहन: एक ‘इंटरनेशनल हार्वेस्टर’ सैन्य वाहन को कब्जे में लिया गया।
क्यों भड़की हिंसा?
तालिबान प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, यह कार्रवाई पाकिस्तानी सेना द्वारा अफगान क्षेत्र में किए गए हालिया हवाई हमलों का करारा जवाब है। रिपोर्टों के अनुसार, तालिबान की इस जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भी काबुल समेत कुछ इलाकों में हवाई हमले किए हैं, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है।
प्रभावित क्षेत्र
वर्तमान में यह सैन्य टकराव निम्नलिखित संवेदनशील क्षेत्रों में जारी है:
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पक्तिया और पक्तिका
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खोस्त और कुनार
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नूरिस्तान और नंगरहार
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तोरखम गेट (प्रमुख व्यापारिक मार्ग)
क्षेत्रीय सुरक्षा पर मंडराता खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण एशिया के इन दो पड़ोसियों के बीच बढ़ता तनाव पूरे क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में डाल सकता है। हालांकि, तालिबान द्वारा किए गए इन भारी नुकसान के दावों की अभी तक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय पुष्टि नहीं हुई है और न ही पाकिस्तान की ओर से इस पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान आया है।
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