नई दिल्ली | शनिवार, 28 मार्च 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार शाम देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) और ऊर्जा सुरक्षा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि इस वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों को ‘टीम इंडिया’ की भावना के साथ काम करना होगा।
आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तालमेल
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने देश की आंतरिक सुरक्षा स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने राज्यों को सतर्क रहने और खुफिया एजेंसियों के साथ अटूट तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए। पीएम ने विशेष रूप से आतंकवाद, कट्टरपंथ और साइबर खतरों से निपटने के लिए एक सक्रिय रणनीति (Proactive Strategy) अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती और तटीय राज्यों को उभरती चुनौतियों के प्रति अधिक संवेदनशील रहने की आवश्यकता है।
आपूर्ति श्रृंखला और कालाबाजारी पर वार
वैश्विक संकट के चलते ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव की आशंका को देखते हुए, पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से अपील की कि वे अपने राज्यों में जमाखोरी (Hoarding) और कालाबाजारी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाएं। उन्होंने राज्यों को निर्देश दिया:
-
राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय करें।
-
आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें।
-
ईंधन और एलपीजी (LPG) की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों पर लगाम लगाएं।
डिजिटल गवर्नेंस और विकास की गति
प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया मिशन को विकास का आधार बताते हुए कहा कि ई-गवर्नेंस के माध्यम से सरकारी सेवाओं को और अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाया जाना चाहिए। उन्होंने बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को तय समयसीमा (Deadline) के भीतर पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा, “प्रौद्योगिकी का उपयोग भ्रष्टाचार को मिटाने और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का सबसे सशक्त माध्यम है।”
आपदा प्रबंधन और कृषि की तैयारी
आगामी गर्मी के मौसम और मानसून को देखते हुए पीएम ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से कृषि क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने को कहा, ताकि आगामी खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद और बीज की कमी का सामना न करना पड़े। प्रधानमंत्री ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों जैसे बायोफ्यूल और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की भी वकालत की।
प्रवासियों की सुरक्षा प्राथमिकता
पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा करते हुए पीएम ने राज्यों को निर्देश दिया कि वे अपने यहां हेल्पलाइन नंबर जारी करें और नोडल अधिकारी नियुक्त करें, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर सही जानकारी और सहायता मिल सके।
मुख्य बिंदु:
-
पश्चिम एशिया (West Asia) युद्ध के प्रभाव को लेकर प्रधानमंत्री ने की समीक्षा बैठक।
-
राज्यों को कालाबाजारी और अफवाहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश।
-
ई-गवर्नेंस और डिजिटल इंडिया के जरिए सेवाओं की पारदर्शिता पर जोर।
-
आगामी ‘खरीफ सीजन’ के लिए खाद और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की अपील।
Matribhumisamachar


