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गंगा एक्सप्रेसवे अपडेट: FASTag ट्रायल सफल, फरवरी के अंत तक शुरू होगा यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे

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गंगा एक्सप्रेसवे 6 लेन निर्माण कार्य की ताजा तस्वीर 2026

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। राज्य का सबसे लंबा और देश का दूसरा सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) अब अपने अंतिम निर्माण चरण में पहुँच चुका है। हाल ही में इस पर FASTag आधारित टोल सिस्टम का सफल ट्रायल पूरा किया गया है, जिससे इसके फरवरी 2026 के अंत तक आम जनता के लिए खोलने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

यह एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली आर्थिक जीवन रेखा के रूप में उभर रहा है, जो राज्य के लॉजिस्टिक्स, उद्योग, कृषि और निवेश वातावरण को नई गति देगा।

🛣️ गंगा एक्सप्रेसवे: मुख्य विशेषताएं

विशेषता विवरण
कुल लंबाई लगभग 594 किलोमीटर
लेन 6 लेन (भविष्य में 8 लेन तक विस्तार संभव)
प्रारंभिक बिंदु बिजौली गांव, मेरठ
अंतिम बिंदु जुदापुर दांडू गांव, प्रयागराज
अनुमानित लागत ₹36,230 करोड़ से अधिक
डिजाइन स्पीड 120 किमी/घंटा
संरचना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे मॉडल
टोल सिस्टम FASTag आधारित स्मार्ट टोल

⚡ FASTag टोल ट्रायल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा किए गए ट्रायल में तकनीकी सिस्टम पूरी तरह सफल पाया गया:

  • बदायूं और मेरठ टोल प्लाजा पर सफल ट्रायल
  • 📍 ऑटोमैटिक बूम बैरियर सिस्टम
  • 🧠 AI आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम
  • 📡 एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS)
  • 🎥 हाई-रेजोल्यूशन CCTV कैमरे
  • 🚨 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम
  • 📲 भविष्य में मोबाइल ऐप आधारित ट्रैफिक अलर्ट सिस्टम जोड़ने की योजना

✈️ रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण एयर स्ट्रिप

शाहजहांपुर में बनी 3.5 किलोमीटर लंबी आपातकालीन हवाई पट्टी न केवल आपदा प्रबंधन बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यह पट्टी:

  • फाइटर जेट लैंडिंग सक्षम
  • आपदा राहत अभियानों में उपयोगी
  • रक्षा और नागरिक उड्डयन दोनों उद्देश्यों के लिए उपयुक्त

📍 12 जिलों की विकास रेखा बनेगा एक्सप्रेसवे

गंगा एक्सप्रेसवे इन जिलों को सीधा जोड़ता है:

मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज

➡️ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ
➡️ रियल एस्टेट और निवेश में उछाल
➡️ छोटे शहरों का औद्योगिक विकास

⏳ यात्रा समय में ऐतिहासिक कटौती

वर्तमान स्थिति:

  • मेरठ → प्रयागराज: 11–12 घंटे

गंगा एक्सप्रेसवे के बाद:

  • मेरठ → प्रयागराज: 6–7 घंटे

इससे:

  • ईंधन खर्च में कमी
  • लॉजिस्टिक्स लागत में गिरावट
  • ट्रांसपोर्ट एफिशिएंसी में वृद्धि
  • पर्यटन सेक्टर को नई गति

📅 उद्घाटन को लेकर बड़ा अपडेट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि:

फरवरी 2026 के अंत तक सभी निर्माण, तकनीकी और सुरक्षा कार्य अनिवार्य रूप से पूरे किए जाएं।

सूत्रों के अनुसार:

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा
  • फरवरी 2026 के दूसरे या अंतिम सप्ताह में
  • एक्सप्रेसवे का औपचारिक लोकार्पण संभव

वर्तमान स्थिति:

  • निर्माण कार्य: 95%+ पूर्ण
  • शेष कार्य:
    • सेवा सड़कें
    • साइनबोर्ड
    • रोड मार्किंग
    • सेफ्टी बैरियर
    • डिजिटल साइनज सिस्टम

📈 औद्योगिक और आर्थिक परिवर्तन का इंजन

गंगा एक्सप्रेसवे को सरकार एक इंडस्ट्रियल-इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में विकसित कर रही है:

  • 🏭 इंडस्ट्रियल क्लस्टर
  • 🌾 एग्री-प्रोसेसिंग हब
  • 📦 लॉजिस्टिक्स पार्क
  • 🧊 कोल्ड स्टोरेज चेन
  • 🚚 वेयरहाउसिंग ज़ोन
  • 🏗️ मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब
  • 👨‍🌾 किसानों को सीधे बड़े बाजारों तक पहुँच
  • 👷 स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

🌍 उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल की नई पहचान

गंगा एक्सप्रेसवे अब केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि:

  • डबल इंजन सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल का प्रतीक
  • नए उत्तर प्रदेश के विजन डॉक्यूमेंट का आधार स्तंभ
  • $1 ट्रिलियन इकॉनमी लक्ष्य की मजबूत नींव

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