बुधवार, अप्रैल 29 2026 | 06:32:15 AM
Breaking News
Home / व्यापार / नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान: “अब भारत में पेट्रोल-डीजल का कोई भविष्य नहीं”

नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान: “अब भारत में पेट्रोल-डीजल का कोई भविष्य नहीं”

Follow us on:

नई दिल्ली बुधवार, 29 अप्रैल 2026

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ऑटोमोबाइल निर्माताओं को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भारत अब आयातित और प्रदूषण फैलाने वाले जीवाश्म ईंधन पर निर्भर नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि “एक बात बिल्कुल साफ है, डीजल और पेट्रोल इंजन का कोई भविष्य नहीं है।” मंत्री ने उद्योग जगत से अपील की है कि वे गुणवत्ता (Quality) पर ध्यान दें न कि केवल लागत (Cost) पर।

स्वच्छ ईंधन के तीन प्रमुख स्तंभ

सरकार ने परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए तीन मुख्य विकल्पों को चिन्हित किया है:

  1. हाइड्रोजन मोबिलिटी (भविष्य का ईंधन):

    • गडकरी ने हाइड्रोजन को ‘भविष्य का ईंधन’ करार दिया है।

    • पायलट प्रोजेक्ट्स: टाटा मोटर्स, वोल्वो और अशोक लेलैंड जैसी दिग्गज कंपनियाँ हाइड्रोजन ट्रकों का ट्रायल कर रही हैं।

    • 10 विशेष रूट्स: वर्तमान में देश के 10 प्रमुख मार्गों पर हाइड्रोजन संचालित बसें और ट्रक चलाए जा रहे हैं।

  2. इथेनॉल और फ्लेक्स फ्यूल:

    • E20 फ्यूल: 1 अप्रैल 2026 से पूरे भारत में E20 (20% इथेनॉल मिश्रण) अनिवार्य हो गया है। मौजूदा गाड़ियाँ इसी पर चलती रहेंगी।

    • फ्लेक्स फ्यूल इंजन: कंपनियां अब ऐसे इंजन बना रही हैं जो 100% इथेनॉल पर भी चल सकें।

  3. CNG, LNG और इलेक्ट्रिक:

    • सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए बिजली (EV) और गैस आधारित ईंधनों की गति तेज की जा रही है।

ताजा ऑटोमोबाइल समाचार – matribhumisamachar.com

Fact Check

मंत्री के बयान के बाद कुछ भ्रांतियां फैली थीं, जिन्हें समझना आवश्यक है:

  • क्या पुरानी गाड़ियाँ बंद हो जाएंगी? नहीं, मौजूदा गाड़ियाँ E20 ईंधन पर चलती रहेंगी। सरकार का लक्ष्य नए वाहनों के निर्माण को स्वच्छ तकनीक की ओर मोड़ना है।

  • लागत पर प्रभाव: हालांकि वैकल्पिक ईंधन वाली गाड़ियों की शुरुआती कीमत अधिक हो सकती है, लेकिन संचालन लागत (Running Cost) में भारी कमी आएगी।

  • इथेनॉल की उपलब्धता: भारत अब अपनी कृषि क्षमता का उपयोग कर पराली और गन्ने से इथेनॉल बना रहा है, जिससे ईंधन की कमी की खबरें केवल अफवाह मात्र हैं।

सार्वजनिक परिवहन में सुधार

गडकरी ने बताया कि भारत में वर्तमान में प्रति 1,000 लोगों पर केवल 2 बसें हैं, जबकि वैश्विक मानक 8 बसें प्रति 1,000 व्यक्ति है। सरकार का लक्ष्य सुरक्षा और गुणवत्ता से समझौता किए बिना बस निर्माण की क्षमता को सालाना 70,000 से बढ़ाकर वैश्विक स्तर पर ले जाना है।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

कानपुर सर्राफा बाजार: सोने की कीमतों में मामूली बढ़त, चांदी के दाम स्थिर; जानें 28 अप्रैल के ताजा रेट

कानपुर । मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कानपुर में आज …