भोपाल । मंगलवार, 28 अप्रैल 2026
मध्य प्रदेश के जबलपुर के गौरीघाट थानांतर्गत दुर्गा नगर में रविवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब एक निजी मकान में चल रही ईसाई प्रार्थना सभा में स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने धावा बोल दिया। आरोप है कि यहाँ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को कपड़े, नकद राशि और अन्य सामग्री का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
जैसे ही यह सूचना फैली, वहां विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को बिगड़ने से बचाया।
पुलिस की कार्रवाई और दर्ज मामले
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है:
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हिरासत: एक महिला और एक पुरुष को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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धाराएं: आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
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जांच का केंद्र: पुलिस अब उन रिकॉर्ड्स और सामग्रियों की जांच कर रही है जो मौके से मिली हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या वास्तव में ‘प्रलोभन’ (Allurement) दिया गया था।
तथ्य (Facts)
इस तरह के मामलों में अक्सर अफवाहें तेजी से फैलती हैं। तथ्यों पर आधारित सुधार नीचे दिए गए हैं:
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कानूनी स्थिति: केवल प्रार्थना सभा करना अपराध नहीं है, लेकिन यदि इसमें ‘प्रलोभन’ (Allurement), ‘बल’ (Force) या ‘कपटपूर्ण साधन’ (Fraudulent means) का उपयोग पाया जाता है, तभी यह अधिनियम के तहत दंडनीय है।
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हाई कोर्ट का रुख: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने पूर्व में एक अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया था कि वयस्क अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर सकते हैं और धारा 10 (जिला मजिस्ट्रेट को सूचना देना) के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई के लिए कोर्ट की अनुमति आवश्यक है। हालांकि, ‘प्रलोभन’ देकर किए गए धर्मांतरण पर कानून सख्त है।
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जांच की प्रक्रिया: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर दर्ज होना दोषसिद्धि नहीं है; अभी साक्ष्यों का मिलान किया जाना बाकी है।
मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की प्रमुख धाराएं
| धारा | प्रावधान |
| धारा 3 | प्रलोभन, बल, अनुचित प्रभाव या जबरदस्ती से धर्मांतरण पर रोक। |
| धारा 5 | उल्लंघन करने पर 1 से 5 साल की जेल और ₹25,000 जुर्माना। |
| धारा 10 | धर्म परिवर्तन की पूर्व सूचना जिला प्रशासन को देना (जिस पर वर्तमान में कानूनी बहस जारी है)। |
स्थानीय प्रतिक्रिया
इलाके के नागरिकों का कहना है कि यह गतिविधियां पिछले कुछ हफ्तों से संदिग्ध तरीके से बढ़ गई थीं। बाहरी लोगों का आना-जाना और अचानक लोगों के व्यवहार में आए बदलाव ने स्थानीय संगठनों को सतर्क कर दिया था। फिलहाल, प्रशासन ने दुर्गा नगर क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है ताकि शांति बनी रहे।
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