कोलकाता | सोमवार, 30 मार्च 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए कांग्रेस की 284 उम्मीदवारों की सूची जारी होते ही राज्य में सियासी पारा उबल पड़ा है। पार्टी ने जहाँ एक ओर अपने दिग्गजों को मैदान में उतारकर ‘करो या मरो’ की स्थिति स्पष्ट कर दी है, वहीं दूसरी ओर टिकट वितरण को लेकर उपजा असंतोष पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। मालदा में रविवार को हुई हिंसक झड़पें इसी आंतरिक कलह का नतीजा हैं।
मालदा में भारी बवाल: दफ्तर में तोड़फोड़ और आगजनी
मालदा जिले के चंचल स्थित कांग्रेस कार्यालय में रविवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कार्यकर्ताओं ने आसिफ महबूब को उम्मीदवार बनाए जाने के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
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हिंसक प्रदर्शन: आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने न केवल दफ्तर के भीतर जमकर तोड़फोड़ की और कुर्सियां फेंकी, बल्कि पार्टी के झंडे और टायर जलाकर सड़कों पर जाम भी लगा दिया।
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पुलिसिया कार्रवाई: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पार्टी ने जमीनी पकड़ रखने वाले नेताओं की अनदेखी की है।
कांग्रेस के ‘ब्रह्मास्त्र’: अधीर और मौसम नूर की वापसी
इस बार कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में अकेले (Solo) चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जिससे वामपंथियों के साथ उसका दशक पुराना गठबंधन टूट गया है। पार्टी ने जीत सुनिश्चित करने के लिए अपने सबसे बड़े चेहरों को चुनावी रण में उतारा है:
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अधीर रंजन चौधरी (बहरामपुर): पांच बार के सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी अपनी पारंपरिक सीट बहरामपुर से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद यह उनके लिए वर्चस्व की लड़ाई है।
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मौसम नूर (मालतीपुर): हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर कांग्रेस में घर वापसी करने वाली पूर्व सांसद मौसम नूर को मालतीपुर से टिकट दिया गया है। वे दिग्गज नेता गनी खान चौधरी की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं।
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अन्य प्रमुख नाम: सूची में दार्जिलिंग से माधव राय और दम दम से सुष्मिता विश्वास जैसे नाम शामिल हैं।
चुनाव 2026: दो चरणों में होगा महामुकाबला
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस बार बंगाल में मतदान की प्रक्रिया को काफी संक्षिप्त रखा गया है:
| चरण | मतदान की तारीख | सीटों की संख्या | क्षेत्र |
| पहला चरण | 23 अप्रैल 2026 | 152 सीटें | उत्तर बंगाल और जंगलमहल |
| दूसरा चरण | 29 अप्रैल 2026 | 142 सीटें | दक्षिण बंगाल और कोलकाता |
| नतीजे | 04 मई 2026 | कुल 294 |
क्या कांग्रेस का ‘एकला चलो’ काम आएगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि 294 में से 284 सीटों पर एक साथ उम्मीदवार उतारकर कांग्रेस ने संदेश दिया है कि वह TMC और BJP के बीच राज्य में तीसरे विकल्प के रूप में खुद को स्थापित करना चाहती है। हालांकि, मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे गढ़ों में आंतरिक विद्रोह पार्टी के वोट बैंक में सेंध लगा सकता है।
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