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पुणे: टूरिस्ट वीजा पर धार्मिक प्रचार करने वाले 3 अमेरिकी नागरिकों को ‘भारत छोड़ो’ नोटिस, 10 मई तक का समय

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मुंबई गुरुवार, 30 अप्रैल 2026

महाराष्ट्र के पुणे शहर से एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप में तीन अमेरिकी नागरिकों को ‘लीव इंडिया’ (Leave India Notice) जारी किया है। ये विदेशी नागरिक भारत में टूरिस्ट वीजा पर आए थे, लेकिन वे यहां धार्मिक गतिविधियों और प्रचार-प्रसार में संलिप्त पाए गए, जो कि भारतीय आव्रजन कानूनों (Immigration Laws) के तहत प्रतिबंधित है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ये तीन अमेरिकी नागरिक (जिनकी आयु 53, 65 और 66 वर्ष है) 19 से 21 अप्रैल 2026 के बीच भारत पहुंचे थे। वे 26 अप्रैल से पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ इलाके के एक होटल में ठहरे हुए थे।

मामला तब प्रकाश में आया जब 27 अप्रैल की सुबह, पुणे के शुक्रवार पेठ/सदाशिव पेठ इलाके में उन्होंने एक निजी कैब चालक को रोका और उसे ईसाई धर्म से संबंधित प्रचार सामग्री (पर्चे) बांटी। ये पर्चे अंग्रेजी, हिंदी और मराठी भाषाओं में छपे हुए थे। चालक को उनकी गतिविधियों पर संदेह हुआ और उसने पास ही तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी सूचना दे दी।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

सूचना मिलते ही पुलिस ने तीनों को हिरासत में लिया और उनके दस्तावेजों की जांच की। पुलिस की तलाशी के दौरान उनके पास से भारी मात्रा में धार्मिक प्रचार सामग्री बरामद हुई।

  • FRO की जांच: पुणे पुलिस के विदेशी पंजीकरण कार्यालय (FRO) ने मामले की जांच की और पुष्टि की कि इन नागरिकों ने अपने वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया है।

  • नोटिस: जांच के बाद, पुलिस उपायुक्त (FRO) संदीप भाजीभाकरे ने बताया कि उन्हें 10 मई 2026 तक देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है।

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स्पष्टीकरण 

सोशल मीडिया और कुछ प्रारंभिक रिपोर्टों में इसे गिरफ्तारी बताया जा रहा था, लेकिन कानूनी रूप से यह ‘डिपॉर्टेशन नोटिस’ या ‘लीव इंडिया’ नोटिस है। भारतीय कानून के तहत, यदि कोई विदेशी नागरिक वीजा नियमों का मामूली उल्लंघन (जैसे धार्मिक प्रचार) करता है, तो उसे अक्सर तुरंत गिरफ्तार करने के बजाय देश छोड़ने का आदेश दिया जाता है, बशर्ते कि कोई गंभीर अपराध न किया गया हो।

वीजा नियमों का उल्लंघन क्यों माना गया?

भारत सरकार के गृह मंत्रालय के नियमों के अनुसार:

  1. टूरिस्ट वीजा: केवल दर्शनीय स्थलों की यात्रा, दोस्तों से मिलने या छोटी अवधि के योग कार्यक्रम के लिए होता है।

  2. धार्मिक प्रचार: किसी भी धर्म का प्रचार करने या उपदेश देने के लिए ‘मिशनरी वीजा’ अनिवार्य है। टूरिस्ट वीजा पर ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल होना ‘वीजा फ्रॉड’ की श्रेणी में आता है।

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