शामली । मंगलवार, 30 जून 2026
Shamli Ayush Malik Ghar Wapsi: उत्तर प्रदेश के जनपद शामली से आने वाले बहुचर्चित आयुष मलिक प्रकरण ने एक बार फिर पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इस पूरे सनसनीखेज मामले की दिशा पूरी तरह बदल दी है। इस वीडियो में आयुष मलिक अपने माता-पिता के साथ घर के मंदिर में पूरी श्रद्धा के साथ भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना और आरती करते हुए दिखाई दे रहे हैं। करीब 2 मिनट 17 सेकंड के इस वीडियो में वह अपने परिवार से हाथ जोड़कर माफी मांग रहे हैं और दोबारा सनातन धर्म अपनाने यानी अपनी ‘घर वापसी’ का आधिकारिक दावा कर रहे हैं।
बता दें कि कुछ ही दिनों पहले आयुष मलिक ने स्वेच्छा से इस्लाम धर्म अपनाने और मुस्लिम युवती से निकाह का दावा किया था, जिसके बाद हिंदूवादी संगठनों के कड़े विरोध के बीच पुलिस ने त्वरित कानूनी कार्रवाई की थी।
क्या था पूरा शामली आयुष मलिक धर्मांतरण मामला? (Ayush Malik Shamli Conversion Case)
सदर कोतवाली क्षेत्र के दयानंद नगर निवासी आयुष मलिक एक प्रतिष्ठित और करोड़पति दवा कारोबारी (मेडिकल व्यवसायी) के परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता देवराज मलिक शामली के बड़े कारोबारी हैं। आयुष मलिक कुछ समय पहले अचानक घर से गायब होने और फिर सोशल मीडिया पर ‘अली मोहम्मद’ उर्फ ‘रहमान’ नाम, लंबी दाढ़ी और इस्लामिक पहनावे के साथ सामने आने के बाद चर्चा में आए थे।
उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर दावा किया था कि उन्होंने बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से इस्लाम स्वीकार किया है और चांदनी कुरैशी नाम की युवती से निकाह कर लिया है। इस खबर के फैलते ही शामली सहित पूरे उत्तर प्रदेश में हड़कंप मच गया था। हिंदू संगठनों और स्वामी यशवीर महाराज ने इसे सोची-समझी साजिश बताते हुए विरोध शुरू किया था।
करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश का आरोप: 3 लोग जा चुके हैं जेल
आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक ने इस पूरे धर्मांतरण को एक सोची-समझी आर्थिक और आपराधिक साजिश करार दिया था। उन्होंने पुलिस में तहरीर देते हुए आरोप लगाया था कि उनके बेटे को प्रेमजाल में फंसाकर, उसका ब्रेनवॉश करके और जान से मारने की धमकी देकर यह कदम उठवाया गया। पिता का मुख्य आरोप था कि यह सब परिवार की करोड़ों रुपये की पैतृक संपत्ति पर अवैध कब्जा करने के इरादे से किया गया।
इस शिकायत के आधार पर शामली पुलिस ने सख्त धर्मांतरण कानून के तहत कुल 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें 3 नामजद और 7 अज्ञात आरोपी शामिल थे। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी समेत अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
वायरल वीडियो से खुली सच्चाई: शुद्धिकरण के बाद की ‘घर वापसी’
जेल जा चुके आरोपियों और पुलिस जांच के बीच अब आयुष मलिक का नया वीडियो सामने आया है, जिसने इस मामले का पटाक्षेप कर दिया है।
वीडियो में भावुक दिखे आयुष मलिक:
“मैं भटक गया था और मैंने अपना धर्म बदल लिया था। लेकिन अपने माता-पिता के दर्द और परिवार की बदनामी को देखते हुए, मैंने अपनी पूरी इच्छा से दोबारा सनातन धर्म में लौटने का फैसला किया है। मैं अपने परिवार के साथ रहना चाहता हूँ और उनसे अपनी गलतियों के लिए माफी मांगता हूँ।”
वीडियो में आयुष मलिक को बिना दाढ़ी के, सनातन रूप में घर के मंदिर में भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना करते और अपने माता-पिता के पैर छूकर आशीर्वाद लेते देखा जा सकता है। प्रमुख संतों और उनके पिता ने भी इसकी पुष्टि कर दी है कि आयुष का शुद्धिकरण कर उसे वापस सनातन धर्म में शामिल कर लिया गया है।
Matribhumisamachar


