कोलकाता. केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah जनवरी 2026 में पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। यह दौरा आगामी 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रणनीति, संगठनात्मक मजबूती और चुनावी दिशा तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी इसे सीधे तौर पर “मिशन-2026” के रूप में देख रही है।
दौरे का मुख्य उद्देश्य
- मिशन-2026 को धार देना: पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भरना और जमीनी स्तर पर चुनावी रणनीति तैयार करना।
- संगठनात्मक समीक्षा: बूथ स्तर की तैयारियों का आकलन और प्रदेश नेतृत्व के साथ समन्वय।
- राजनीतिक मुद्दों को धार: घुसपैठ, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुख चुनावी हथियार बनाना।
प्रमुख कार्यक्रम और गतिविधियाँ
अमित शाह शुक्रवार (30 जनवरी) की रात को कोलकाता पहुंचे। शनिवार (31 जनवरी) को उन्होंने राज्य के विभिन्न हिस्सों में महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया:
| स्थान | कार्यक्रम |
|---|---|
| बैरकपुर | उत्तर 24 परगना के आनंदपुरी मैदान में विशाल भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया |
| बागडोगरा | उत्तर बंगाल में संगठनात्मक बैठक और आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया |
| कोलकाता (न्यू टाउन) | भाजपा कोर कमेटी के साथ बंद कमरे में चुनावी रणनीति पर गहन चर्चा |
अमित शाह के प्रमुख संदेश
- टीएमसी सरकार पर हमला: अमित शाह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की सरकार ने घुसपैठ को बढ़ावा दिया है और भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दे दिया है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा: उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनना केवल राज्य के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।
- सीमा सुरक्षा और फेंसिंग: शाह ने दावा किया कि भाजपा की सरकार बनने पर 45 दिनों के भीतर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फेंसिंग का काम पूरा किया जाएगा, जिसे वर्तमान राज्य सरकार कथित तौर पर रोक रही है।
- चुनावी लक्ष्य: उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा 50 प्रतिशत से अधिक वोट शेयर हासिल कर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
- सत्ता परिवर्तन का संकेत: अमित शाह ने कहा कि 2026 में पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन तय है और जनता बदलाव के मूड में है।
राजनीतिक और चुनावी मायने
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अमित शाह का यह दौरा भाजपा की आक्रामक चुनावी रणनीति को दर्शाता है। खासतौर पर उत्तर बंगाल और सीमावर्ती जिलों पर फोकस, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और राष्ट्रवाद व सुरक्षा जैसे मुद्दों को केंद्र में रखने की रणनीति साफ दिखाई देती है।
भाजपा का प्रयास है कि वह भ्रष्टाचार, घुसपैठ और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करे और मतदाताओं का भरोसा हासिल करे।
2026 विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि
पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। भाजपा इस चुनाव को राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के एक बड़े अवसर के रूप में देख रही है। पार्टी का फोकस सुरक्षा, सुशासन, सीमा नियंत्रण और सांस्कृतिक पहचान जैसे मुद्दों पर केंद्रित है, जिन्हें चुनावी नैरेटिव का आधार बनाया जा रहा है।
अमित शाह का यह बंगाल दौरा केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 2026 विधानसभा चुनावों की रणनीतिक नींव रखता दिखाई दे रहा है। आने वाले महीनों में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की पूरी संभावना है।
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