फतेहपुर | रविवार, 31 मई 2026
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से अवैध रूप से ईसाई धर्म में परिवर्तित करने वाले एक कथित सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। गाजीपुर थाना क्षेत्र और उससे सटे राधानगर इलाकों में दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं की शिकायत और विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी पिता और पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कई अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
बजरंग दल की शिकायत पर पुलिस का छापा
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब बजरंग दल के युवा जिला संयोजक धर्मेंद्र सिंह और अन्य स्थानीय कार्यकर्ताओं को गाजीपुर कस्बे में एक गुप्त ठिकाने (एक स्थानीय निवासी के घर) पर बड़े पैमाने पर प्रार्थना सभा और धर्म परिवर्तन की पुख्ता जानकारी मिली।
शिकायतकर्ता धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, यह नेटवर्क पिछले कई सालों से बेहद गोपनीय तरीके से स्थानीय गरीब और भोले-भले ग्रामीणों को पैसों का लालच, मुफ्त चिकित्सा सहायता और बच्चों की मुफ्त शिक्षा का झांसा देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा था। पुख्ता सबूत जुटाने के बाद दक्षिणपंथी संगठनों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की।
नवीनतम जानकारी
शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में इस घटना को केवल गाजीपुर कस्बे के एक निजी आवास से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन पुलिस की विस्तृत जांच में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य और सुधार सामने आए हैं:
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चर्च और प्रचार वाहनों का नेटवर्क: जांच में सामने आया कि यह गतिविधि केवल एक घर तक सीमित नहीं थी। पुलिस ने पाया कि दूर-दराज के भोले-भाले ग्रामीणों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रचार वाहनों (Publicity Vehicles) का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से धार्मिक साहित्य और प्रचार सामग्री भी बरामद की है।
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राधानगर और गाजीपुर सीमा का मामला: यह नेटवर्क गाजीपुर और राधानगर थाना क्षेत्रों की सीमाओं पर सक्रिय था। हाल ही में राधानगर क्षेत्र में भी इसी तरह के आरोपों को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिससे जुड़े तार इस गाजीपुर मामले से भी जुड़े होने की आशंका है।
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कड़ी कानूनी धाराएं: पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पकड़े गए आरोपियों पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम (UP Prohibition of Unlawful Religious Conversion Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
महिलाओं और ग्रामीणों को बनाया जा रहा था निशाना
छापेमारी के दौरान पुलिस ने पाया कि इस कथित प्रार्थना सभा में बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि दर्जनों लोगों को वहां गुमराह करने और प्रलोभन देने के उद्देश्य से इकट्ठा किया गया था। पुलिस वर्तमान में वहां मौजूद सभी लोगों के बयान दर्ज कर रही है और यह सत्यापित कर रही है कि क्या उन्हें किसी दबाव या प्रलोभन के तहत वहां लाया गया था।
क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून व्यवस्था बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी और अवैध धर्म परिवर्तन से जुड़े सिंडिकेट के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Matribhumisamachar


