दमोह । मंगलवार, 2 जून 2026
मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक दिल दहला देने वाला और बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने गंभीर मानसिक प्रताड़ना और धोखे से तंग आकर कथित तौर पर जहर खाकर अपनी जान देने की कोशिश की। युवती को आनन-फानन में दमोह जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने अपने साथ पिछले 15 वर्षों से हो रहे कथित शोषण की दर्दनाक कहानी बयां की। इस खुलासे के बाद अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
प्यार का झांसा और 15 साल का लंबा छल
पीड़िता के अनुसार, दमोह के पठानी मोहल्ले का रहने वाला शाहबाज खान नाम का युवक पिछले डेढ़ दशक (15 वर्ष) से उसे शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाए हुए था। पीड़िता का आरोप है कि युवक ने उससे शादी करने के कई झूठे वादे किए और इसी धोखे की आड़ में लगातार उसका शारीरिक और मानसिक शोषण करता रहा।
इतने लंबे समय तक विश्वास में रखने के बाद, आरोपी शाहबाज खान ने चुपके से अपने ही समुदाय की किसी अन्य युवती से विवाह कर लिया। जब इस बात की जानकारी पीड़िता को हुई, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
आरोपी के घर पर मारपीट और धमकी का आरोप
सच्चाई सामने आने पर जब पीड़िता न्याय मांगने और विरोध दर्ज कराने आरोपी शाहबाज के घर पहुंची, तो वहां स्थिति और बिगड़ गई। पीड़िता का आरोप है कि शाहबाज और उसके परिजनों ने उसके साथ न केवल बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके। इसके साथ ही उसे जान से मारने की गंभीर धमकियां भी दी गईं। इस चौतरफा प्रताड़ना और न्याय की कोई उम्मीद न दिखने पर हताश होकर युवती ने आत्मघाती कदम उठाते हुए जहर खा लिया।
अस्पताल में हंगामा और पुलिस की मुस्तैदी
बीती रात जैसे ही युवती को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया, वहां के स्टाफ को उसने अपनी आपबीती सुनाई। यह खबर फैलते ही देर रात अस्पताल परिसर में स्थानीय नागरिकों और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई। माहौल में बढ़ते तनाव और आक्रोश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल की तैनाती की।
कानूनी दृष्टिकोण
इस प्रकार के मामलों को अक्सर सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में ‘लव जिहाद’ या सांप्रदायिक रंग दे दिया जाता है, लेकिन कानूनी रूप से यह मामला पूरी तरह से गंभीर आपराधिक धाराओं के अंतर्गत आता है:
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शादी का झूठा वादा (BNS की धाराएं): नए कानूनों (भारतीय न्याय संहिता) के तहत पहचान छिपाकर या शादी का ऐसा झूठा वादा करके शारीरिक संबंध बनाना, जिसे पूरा करने का इरादा कभी था ही नहीं, एक अत्यंत गंभीर और गैर-जमानती अपराध है।
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घरेलू हिंसा और मारपीट: पीड़िता को बंधक बनाना, मोबाइल छीनना और मारपीट करना कानूनी रूप से कड़ी सजा का हकदार बनाता है।
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निष्पक्ष जांच की आवश्यकता: पुलिस प्रशासन के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे किसी भी बाहरी सामाजिक या सांप्रदायिक दबाव में आए बिना, पूरी तरह से तथ्यों और पीड़िता के बयानों के आधार पर निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित करें।
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