लखनऊ । मंगलवार, 2 जून 2026
राजधानी लखनऊ के ग्रामीण इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां के थाना सैरपुर क्षेत्र के अंतर्गत एक महिला ने सेना के जवान (सैन्यकर्मी) मंजूर अली पर पिछले पांच वर्षों से बंधक बनाकर लगातार शारीरिक शोषण (दुष्कर्म) करने और जबरन मजहब बदलने (धर्म परिवर्तन) के लिए मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना देने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है।
महिला की शिकायत के बाद हरकत में आई लखनऊ पुलिस ने मुख्य आरोपी मंजूर अली को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।
नशीला पदार्थ सुंघाकर मायके से किया था अपहरण
पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, उसका विवाह पूर्व में सीतापुर जिले में हुआ था। मार्च 2021 में वह लखनऊ के सैरपुर स्थित अपने मायके आई हुई थी। आरोप है कि इसी दौरान एक रात लखीमपुर खीरी जिले के मंहगूखेड़ा (हाल पता: शिव कॉलोनी रोड, खीरी) के रहने वाले सैन्यकर्मी मंजूर अली ने उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर अचेत कर दिया और जबरन अगवा कर अपने साथ ले गया।
इसके बाद आरोपी ने उसे अलग-अलग अज्ञात ठिकानों पर बंधक बनाकर रखा और डरा-धमकाकर लगातार उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देता रहा। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी उसे लगातार सनातन धर्म छोड़कर दूसरा धर्म अपनाने के लिए प्रताड़ित करता था।
ड्यूटी पर जाते समय भाई और रिश्तेदार की कस्टडी में रखता था आरोपी
मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब एफआईआर के माध्यम से पता चला कि यह पूरी साजिश अकेले मंजूर अली की नहीं थी। पीड़िता ने बताया कि मुख्य आरोपी मंजूर अली जब भी अपनी सैन्य ड्यूटी पर जाता था, तो वह पीड़िता को अपने भाई कमाल और रिश्तेदार सलमान की निगरानी में छोड़ जाता था। कमाल और सलमान भी पीड़िता को किसी से संपर्क नहीं करने देते थे और कमरे में बंद रखकर लगातार जान से मारने की धमकियां देते थे।
पड़ोसी की सूझबूझ से मिली आजादी, पिता ने छुड़ाया
पिछले 5 सालों से नरक जैसी जिंदगी जी रही पीड़िता को कुछ दिन पहले एक मौका मिला। उसने एक पड़ोसी की गुप्त मदद से अपने पिता का नंबर मिलाया और फोन पर रोते हुए अपनी आपबीती और वर्तमान ठिकाने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पीड़िता के पिता बताए गए पते पर पहुंचे और अपनी बेटी को आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराकर सैरपुर स्थित घर वापस लाए। इसके बाद 30 मई को पीड़िता ने अपने परिवार के साथ थाने पहुंचकर आपबीती दर्ज कराई।
फैक्ट चेक और पुलिस कार्रवाई की कानूनी स्थिति (Latest Updates)
लखनऊ पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, इस मामले में कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी विवरण और कानूनी सुधार इस प्रकार हैं:
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नए कानून (BNS) के तहत मुकदमा: चूंकि पीड़िता को छुड़ाने और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया 30 मई 2026 को हुई, इसलिए पुलिस ने पुराने कानून (IPC) के बजाय नए भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) के तहत केस दर्ज किया है।
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दर्ज धाराएं: पुलिस ने मु0अ0सं0 60/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (दुष्कर्म), 87, 123 और 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना) के तहत थाना सैरपुर में मुकदमा पंजीकृत किया है।
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बरामदगी: गिरफ्तार आरोपी मंजूर अली (पुत्र साबिर अली) के पास से पुलिस ने घटना में इस्तेमाल एक रेडमी (Redmi) कंपनी का बैंगनी रंग का मोबाइल फोन और 4 अलग-अलग सिम कार्ड बरामद किए हैं।
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बयान दर्ज: पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 180 (जो पहले IPC में 164 बयान हुआ करता था) के तहत बयान दर्ज करा लिया गया है।
एसीपी बख्शी का तालाब (BKT) विकास पांडेय ने बताया:
“मुख्य अभियुक्त मंजूर अली को गिरफ्तार कर न्यायिक कस्टडी में भेज दिया गया है। एफआईआर में नामजद उसके भाई कमाल और रिश्तेदार सलमान की इस पूरे अपराध में क्या भूमिका थी, इसकी वैज्ञानिक और साक्ष्यों के आधार पर विवेचना की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
Matribhumisamachar


