नई दिल्ली । शनिवार, 11 जुलाई 2026
देश में आम जनता को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथारिटी (NPPA) ने 39 नई दवा फॉर्मूलेशन (Doses) की अधिकतम खुदरा कीमतें (Retail Prices) निर्धारित कर दी हैं। सरकार के इस फैसले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, एचआईवी (HIV), हृदय रोग और आंखों के संक्रमण जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे करोड़ों मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
यह निर्णय ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) आर्डर, 2013 (DPCO) के तहत लिया गया है। हालांकि, प्राधिकरण ने यह साफ किया है कि यह दवाओं के दाम सीधे घटाने का फैसला नहीं है, बल्कि उनकी एक अधिकतम सीमा तय करने की प्रक्रिया है ताकि कंपनियां मरीजों से मनमानी कीमत न वसूल सकें।
इन प्रमुख दवाओं के तय हुए नए दाम
NPPA द्वारा जारी की गई सूची में दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली कई आवश्यक दवाएं शामिल हैं। अधिसूचना के अनुसार कुछ प्रमुख दवाओं के दाम इस प्रकार तय किए गए हैं:
-
हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure): उच्च रक्तचाप के इलाज में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली साल्ट कॉम्बिनेशन— एम्लोडिपिन, बिसोप्रोलोल और टेलमिसारटन की संयुक्त टैबलेट की अधिकतम कीमत अब 14.74 रुपये प्रति टैबलेट होगी।
-
हार्ट अटैक और स्ट्रोक (Heart Attack & Stroke): दिल के दौरे और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने वाली बेहद जरूरी दवाओं जैसे क्लोपिडोग्रेल, एस्पिरिन और एटोरवास्टैटिन के संयुक्त कैप्सूल की कीमत 6.37 रुपये प्रति कैप्सूल निर्धारित की गई है।
-
आंखों का संक्रमण (Eye Infection): आंखों की सर्जरी या मोतियाबिंद के बाद होने वाले बैक्टीरियल इंफेक्शन को रोकने वाले नेपाफेनाक और मोक्सिफ्लोक्सासिन आई ड्रॉप की कीमत अब 68.64 रुपये प्रति मिलीलीटर तय की गई है।
मेडिकल स्टोर्स के लिए सख्त निर्देश: रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य
NPPA ने केवल कीमतें तय नहीं की हैं, बल्कि इसे जमीन पर लागू करने के लिए सख्त गाइडलाइंस भी जारी की हैं। सभी दवा विक्रेताओं, फार्मासिस्टों और डीलरों को निर्देश दिया गया है कि वे कंपनियों से मिलने वाली नई मूल्य सूची (Price List) को अपनी दुकान के ऐसे हिस्से में प्रदर्शित (Display) करें, जहां से कोई भी ग्राहक या मरीज उसे आसानी से देख सके। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
ज्यादा पैसे वसूले तो लगेगा भारी जुर्माना
अगर कोई दवा निर्माता कंपनी, डिस्ट्रीब्यूटर या केमिस्ट तय की गई अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) से एक रुपया भी ज्यादा वसूलता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (Essential Commodities Act) और DPCO, 2013 के प्रावधानों के तहत, आरोपी कंपनी या विक्रेता को न केवल वसूली गई अतिरिक्त राशि सरकार के पास जमा करनी होगी, बल्कि उस पर भारी ब्याज भी लगाया जाएगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. क्या NPPA ने दवाओं के दाम कम कर दिए हैं?
Ans: नहीं, NPPA ने स्पष्ट किया है कि यह दवाओं के दाम घटाने का कोई विशेष फैसला नहीं है, बल्कि यह दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत (Maximum Retail Price) तय करने की एक नियामक प्रक्रिया है ताकि बाजार में कीमतें नियंत्रित रहें।
Q2. यह नई कीमतें किन-किन बीमारियों की दवाओं पर लागू होंगी?
Ans: यह कीमतें मुख्य रूप से हाई ब्लड प्रेशर, टाइप-2 डायबिटीज, एचआईवी, दिल की बीमारियों (हार्ट अटैक/स्ट्रोक) और आंखों के बैक्टीरियल इंफेक्शन की 39 दवाओं पर लागू होंगी।
Q3. अगर कोई मेडिकल स्टोर तय रेट से ज्यादा पैसे मांगे तो क्या करें?
Ans: आप इसकी शिकायत नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथारिटी (NPPA) के आधिकारिक पोर्टल या शिकायत नंबर पर दर्ज करा सकते हैं। दोषी पाए जाने पर विक्रेता को ब्याज सहित पैसा लौटाना होगा।
Disclaimer (अस्वीकरण)
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से साझा किया गया है। दवाओं की कीमतों, साल्ट कंपोजीशन और उनके सेवन से जुड़ी किसी भी सटीक सलाह के लिए कृपया अपने नजदीकी रजिस्टर्ड डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें। खुद से दवाओं का निर्धारण या बदलाव न करें।
Matribhumisamachar


