चंडीगढ़. अमृतसर के स्वर्ण मंदिर इलाके में एक के बाद एक तीन धमाके करने वाले आरोपियों को पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है. इन पांच आरोपियों में से मुख्य आरोपी आजादवीर के बारे में एक अहम खुलासा हुआ है. मीडिया रिपोर्टस की माने तो आजादवीर वारिस पंजाब दे के मुखिया अमृतपाल सिंह के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई से नाराज था. इसलिए उसने बम धमाकों की घटनाओं को अंजाम दिया.
खालिस्तानी समर्थक है आजादवीर
इन तीनों धमाकों में आईईडी का इस्तेमाल किया गया था. मास्टरमाइंड आजादवीर सिंह अमृतसर के वडाला कलां का रहने वाला है और खालिस्तान समर्थक है. आजादवीर पर पहले भी धार्मिक भावनाएं भड़काने का केस दर्ज हो चुका है. बताया जा रहा है कि जून 2021 में छेहरटा की भल्ला कॉलोनी निवासी दीपक शर्मा ने आजादवीर के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का केस दर्ज करवाया था. जिसके बाद आजादवीर पर कार्रवाई करने के लिए श्रीराम बालाजी धाम चैरिटेबल ट्रस्ट के श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी अशनील महाराज ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की थी. इसके बाद उन्हें पाकिस्तान से धमकी भरे फोन आने लगे थे. तब महामंडलेश्वर ने पुलिस को बताया था कि आजादवीर का पाकिस्तान में बैठे लोगों से भी संपर्क है. लेकिन पुलिस ने इसे हल्के में ले लिया और कोई बड़ी कार्रवाई आजादवीर पर नहीं की गई.
आजादवीर ने बम के साथ खिंचवाई फोटो
पुलिस जांच में सामने आया है कि आजादवीर ने धमाकों से पहले सारागढ़ी पार्किंग की छत पर हाथ में बम लेकर फोटो भी खिंचवाई. जिसका फोटो आजादवीर के मोबाइल से बरामद किया गया है. आजादवीर और उसके साथियों की तरफ से जानबूझकर हेरिटेज स्ट्रीज को बम धमाके के लिए चुना था. ताकि इलाके में वो दहशत फैला सके. बताया जा रहा है कि जरनैल सिंह भिंडरावाला को आजादवीर सिंह अपना आदर्श मानता है. नशे का आदी होने का बाद वो अपराध की दुनिया में शामिल हो गया.
साभार : एबीपी न्यूज़
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