शनिवार, सितंबर 19 2026 | 04:22:15 PM

किसानों ने पंजाब में रेलवे ट्रैक को जाम करने का किया ऐलान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चंडीगढ़. दिल्ली जा रहे किसानों पर अत्याचार करने के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां व भाकियू डकौंदा मनजीत सिंह धनेर ग्रुप ने 15 फरवरी को पंजाब के सात स्थानों पर चार घंटे रेलवे ट्रैक जाम करने का ऐलान किया है।

सरकार कर रही किसानों पर जुल्म: भाकियू उगराहां

भाकियू उगराहां के राज्य प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां ने ऐलान किया कि केंद्र सरकार अपने हक मांगने दिल्ली जा रहे किसानों पर जुल्म कर रही है। हरियाणा बार्डर पर किसानों पर आंसू गैस के गोले, पानी की बौछारे फेंके जा रहे हैं। इससे किसान भड़क गया है, जिससे माहौल और खराब होने की आशंका है।

दिल्ली कूच के लिए जा रहे किसानों को हरियाणा सरकार की ओर से पंजाब – हरियाणा सीमा पर रोक कर लाठीचार्ज करने व आंसू गैस छोड़ने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां (भाकियू) की ओर से गुरुवार से रेल रोक कर प्रदर्शन किया जाएगा। जिले के मलोट रेलवे स्टेशन पर मुक्तसर व फाजिल्का जिले के किसान रेलवे ट्रैक पर धरने पर बैठेंगे।

15 फरवरी को रेलवे ट्रैक किया जाम

सरकार के अत्याचार के खिलाफ व लोगों को एकजुट करने के लिए 15 फरवरी को रेलवे ट्रैक को जाम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यूनियन के सांझे फैसले के तहत गुरुवार को दोपहर 12 बजे से चार बजे तक जुठेके, सुनाम, राजपुरा, मानसा, मोगा, मलोट, फतेहगढ़ चूड़ीयां में रेलवे ट्रैक जाम किया जाएगा।

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यह ट्रेनें होंगी प्रभावित

किसानों के धरने से मलोट रेलवे स्टेशन से श्रीगंगानगर सहित अन्य शहरों में जाने वाली लगभग पांच ट्रेनें पांच प्रभावित हो सकती हैं। जानकारी के अनुसार, धरने के कारण अंबाला से श्रीगंगानगर जाने वाली दो ट्रेनें, बठिडा से श्रीगंगानगर को जाने वाली एक ट्रेन तथा श्रीगंगानगर से अंबाला को जाने वाली दो ट्रेनें प्रभावित हो सकती हैं। राजस्थान हरियाणा सहित अन्य शहरों में जाने वाले यात्रियों को किसानों के धरने के कारण परेशानी होगी।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।