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कंपनी ने दाढ़ी-मूंछ न हटाने पर 80 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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शिमला. हिमाचल प्रदेश में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. एक दवा कंपनी ने अपने 80 कर्मचारियों को केवल इसलिए नौकरी (Jobs) से निकाल दिया, क्योंकि वह दाड़ी-मूंछ में ड्यूटी करने आते थे. कंपनी का फरमान था कि कर्मचारी क्लीन शेव (Clean Shave) में आएं, लेकिन ऐसा ना करने पर इन्हें नौकरी से बाहर कर दिया गया. अब ये कर्मचारी सोलन डीसी (DC Solan) से मदद मांगने पहुंचे हैं. साथ ही लेबर कमीश्नर ने भी कंपनी का दौरा करके अधिकारियों और कर्मचारियों से बात की है.

जानकारी के अनुसार, सोलन के औद्योगिक क्षेत्र परवाणू का यह मामला है. यहां पर दाढ़ी-मूंछ रखने पर एक कंपनी ने 80 कामगारों को निकाल दिया. हालांकि, बाद में कामगार क्लीन शेव होकर भी कंपनी में पहुंचे थे लेकिन, कंपनी ने  उन्हें रखने से इंकार कर दिया और कामगारों को उद्योग में प्रवेश करने पर रोक लगा दी. इस दौरान प्रबंधन ने पहले तो बात करने से मना कर दिया, लेकिन जब कामगारों ने कंपनी के बाहर धरना प्रदर्शन किया तो प्रबंधन बात करने को राजी हो गया. कामगारों के अनुसार, प्रबंधन ने दाढ़ी-मूंछ साफ करने पर ही प्रवेश देने की शर्त रखी थी. पहले तो कामगारों ने इसका विरोध किया, लेकिन बाद में शर्त मान ली.

क्या कहते हैं डीसी सोलन

मंगलवार को भी सभी कामगारों ने धरना दिया और लिखित शिकायत श्रम आयुक्त, डीसी सोलन व मुख्यमंत्री को भेजी. परवाणू लेबर इंस्पेक्टर ललित ठाकुर ने कंपनी का दौरा किया तथा दोनों पक्षों को सुना है. डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने भी मामले पर संज्ञान लिया है और कहा कि मीडिया के माध्यम से उन्हें ज्ञात हुआ है कि परवाणु में एक उद्योग में दाढ़ी-मूंछ रखने पर 80 कामगारों को निकालने का मामला सामने आया है. इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है और इसको लेकर जांच के आदेश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि यदि इस तरह का वाक्या उद्योग में पेश आया है तो नियमानुसार उद्योग पर कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, जानकारी जुटाई जा रही है.

साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।