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कांग्रेस ने अशोक गहलोत को हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए बनाया सीनियर ऑब्जर्वर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चंडीगढ़. स्वस्थ होने के बाद फिर से सियासत में सक्रिय हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पार्टी हाई कमान ने आखिर बड़ी जिम्मेदारी दे दी है, उन्हें हरियाणा विधानसभा चुनाव के चलते पार्टी का सीनियर ऑब्जर्वर बनाया है। उनके साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन और प्रताप सिंह बाजवा को भी सीनियर ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी मिली है। यहीं नहीं गहलोत को स्टार प्रचारक भी बनाया है। गहलोत को दो जिम्मेदारी मिलने से सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है। बीते दिनों से गहलोत को दिल्ली बुलाया गया, तब से माना जा रहा था कि उन्हें जल्द बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है और यह कयास सही भी साबित हुआ।

दो दिनों में गहलोत को मिल गई दो बड़ी जिम्मेदारियां

करीब तीन माह तक स्लिप डिस्क की परेशानी के बाद गहलोत सियासत में फिर से सक्रिय हुए। इस दौरान गत दो दिनों में दिल्ली मुलाकात में गहलोत का सियासी कद बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। दिल्ली में पार्टी हाई कमान से मुलाकात के बाद उन्हें दो बड़ी जिम्मेदारियां मिली। इनमें हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए उन्हें सीनियर ऑब्जर्वर बनाया गया। इसके अलावा उन्हें स्टार प्रचारक भी बनाया गया है। हालांकि, सचिन पायलट और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा भी स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल है।

दो सालों के बाद फिर से माकन के साथ जुड़ेंगे गहलोत

गहलोत के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन को भी सीनियर ऑब्जर्वर बनाया गया है। बता दें कि माकन के साथ गहलोत के रिश्तों में खटास रही। इसके कारण माकन को राजस्थान प्रभारी के पद से हाथ धोना पड़ा था। कांग्रेस राज में पायलट और गहलोत के बीच सियासी द्वंद चला। इस बीच 25 सितंबर 2022 की घटना काफी सुर्खियों में रही। अजय माकन और मल्लिकार्जन खड़गे इस दौरान ऑब्र्जवर बनकर जयपुर आए, लेकिन गहलोत समर्थकों की बगावत के कारण हाई कमान के एक लाइन के फैसले को पास नहीं करवा सके। इस दौरान गहलोत और माकन के बीच कड़वाहट रही, लेकिन अब दोनों को हरियाणा का सीनियर ऑब्जर्वर बनाया गया है। इसको लेकर सियासत में चर्चाएं शुरू हो गई है।

गहलोत पहले भी ऑब्जर्वर रह चुके हैं हरियाणा के

हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी हाई कमान गहलोत के अनुभव का फायदा लेना चाहती है। इसी के चलते उन्हें हरियाणा का सीनियर ऑब्जर्वर बनाया है। इससे पहले भी गहलोत हरियाणा में ऑब्र्जवर के तौर पर कार्य कर चुके हैं, उन्हें हरियाणा की सियासत का काफी अनुभव है। इसके अलावा वहां के नेता भूपेंद्र हुड्डा, कुमारी शैलजा, रणदीप सुरजेवाला समेत नेताओं से उनके अच्छे संबंध है। इसी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने गहलोत को सीनियर आब्जर्वर नियुक्त किया है।

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साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।