शनिवार, सितंबर 19 2026 | 06:40:51 AM

खुदरा महंगाई दर अप्रैल में पिछले 6 साल के निचले स्तर पर पहुंची

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. भारत की खुदरा महंगाई दर अप्रैल 2025 में घटकर 6 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई। महंगाई के मोर्चे पर देश के करोड़ों आम लोगों के लिए ये एक बहुत बड़ी राहत की खबर है। सब्जियों, फलों और अन्य प्रोटीन-युक्त उत्पादों की कीमतों में नरमी से अप्रैल में खुदरा महंगाई दर घटकर लगभग 6 साल के निचले स्तर 3.16 प्रतिशत पर आ गई। मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई दर 3.16 प्रतिशत रही, जो जुलाई, 2019 के बाद का सबसे निचला स्तर है।

जुलाई 2019 में 3.15 प्रतिशत थी खुदरा महंगाई दर

जुलाई, 2019 में ये 3.15 प्रतिशत थी। मार्च, 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति 3.34 प्रतिशत और अप्रैल, 2024 में 4.83 प्रतिशत थी। पिछले महीने खाद्य महंगाई दर 1.78 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले इसी महीने में 8.7 प्रतिशत थी। मार्च में खाद्य मुद्रास्फीति 2.69 प्रतिशत रही थी। अब खुदरा मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संतोषजनक दायरे में बनी हुई है। आरबीआई को सरकार ने मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत घट-बढ़ के साथ 4 प्रतिशत पर बनाए रखने का दायित्व सौंपा है।

2 महीने में 0.50 प्रतिशत घट चुका है रेपो रेट

मूल्य स्थिति में सुधार आने के बाद आरबीआई 2 बार में प्रमुख ब्याज दरों (रेपो रेट) में कुल 0.50 प्रतिशत की कटौती कर चुका है। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल फरवरी में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी, जिसके बाद अप्रैल में भी रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर दी गई। इस तरह से रेपो रेट में 2 महीने के भीतर 0.50 प्रतिशत की कटौती की गई है, जिसके बाद ये 6.50 प्रतिशत से घटकर 6.00 प्रतिशत हो गया है।

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के 4 प्रतिशत रहने का अनुमान

केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के 4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक, पहली तिमाही में खुदरा महंगाई दर के 3.6 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 3.9 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 3.8 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.4 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है।

- Advertisement -

साभार : इंडिया टीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।