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एयर इंडिया ने गंभीर लापरवाही के आरोप में अपने 3 अधिकारियों को नौकरी से निकाला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

मुंबई. अहमदाबाद विमान हादसे में कम से कम 297 लोगों की मौत के बाद डीजीसीए ने एयर इंडियो को तीन लापरवाह अधिकारियों को नौकरी से निकालने का आदेश दिया है। अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान 12 जून को टेक ऑफ के कुछ सेकेंड बाद हादसे का शिकार हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, जिस इमारत से विमान टकराया था, उसमें मौजूद कई लोग भी मारे गए। एयर इंडिया ने खुद ही जानकारी देते हुए तीनों अधिकारियों की लापरवाही का खुलासा किया था। इसके बाद डीजीसीए ने तीनों को नौकरी से निकालने का आदेश दिया है। तीनों वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही दोहराने के आरोप हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया है।

अधिकारियों ने क्या लापरवाही की?

एयर इंडिया की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार इन अधिकारियों ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। विमान में ड्यूटी लगाने से पहले सभी क्रू मेंबर का लाइसेंस जांचा जाता है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यात्रियों के आराम और उन्हें तरोताजा करने के लिए भी जरूरी चीजों का ध्यान नहीं रखा गया था। एविएशन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम और क्रू मैनेजमेंट सिस्टम की समीक्षा के दौरान लापरवाही का खुलासा हुआ। एयरलाइंस एविएशन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम एक एकीकृत प्रणाली है, जिसका उपयोग एयरलाइंस क्रू प्रबंधन के लिए करती हैं।

डीजीसीए ने क्या कहा?

डीजीसीए ने 20 जून को आदेश जारी कर कहा, “स्वैच्छिक खुलासे चालक दल की शेड्यूलिंग, निगरानी और आंतरिक जवाबदेही में विफलताओं की ओर इशारा करते हैं। विशेष रूप से चिंता की बात यह है कि इन गलतियों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार प्रमुख अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का अभाव है।” डीजीसीए ने तीन अधिकारियों को सीधे तौर पर जवाबदेह माना है। प्रभागीय उपाध्यक्ष चूरा सिंह, क्रू शेड्यूलिंग परिचालन निदेशालय में मुख्य प्रबंधक पिंकी मित्तल और क्रू शेड्यूलिंग प्लानिंग विभाग की पायल अरोड़ा को हटाने का आदेश दिया गया है।

अधिकारियों को रोस्टर लगाने की भूमिका से हटाने के निर्देश

इन अधिकारियों को गंभीर और बार-बार की गई चूकों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है, जिनमें अनधिकृत और गैर-अनुपालन चालक दल की जोड़ियां, अनिवार्य लाइसेंसिंग और नवीनता मानदंडों का उल्लंघन, तथा समय-निर्धारण प्रोटोकॉल और निरीक्षण में प्रणालीगत विफलताएं शामिल हैं। डीजीसीए ने एयर इंडिया को तीनों अधिकारियों को चालक दल की समय-सारणी और रोस्टरिंग से संबंधित सभी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों से हटाने का निर्देश दिया है।

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10 दिन के भीतर कार्रवाई के बारे में बताएं

आदेश में कहा गया है, “इन अधिकारियों के खिलाफ बिना देरी के आंतरिक अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए और इस तरह की कार्यवाही के परिणाम की सूचना इस पत्र के जारी होने की तारीख से 10 दिनों के भीतर इस कार्यालय को दी जानी चाहिए।” डीजीसीए ने कहा कि अधिकारियों को समय-निर्धारण प्रथाओं में सुधारात्मक सुधारों के पूरा होने तक गैर-परिचालन भूमिकाओं में पुनः नियुक्त किया जाएगा तथा वे अगली सूचना तक उड़ान सुरक्षा और चालक दल के अनुपालन पर सीधे प्रभाव डालने वाले किसी भी पद पर नहीं रहेंगे।

अगली लापरवाही के लिए सख्त चेतावनी

आदेश में साफ किया गया है कि, “किसी भी पोस्ट-ऑडिट या निरीक्षण में चालक दल के शेड्यूलिंग मानदंडों, लाइसेंसिंग या उड़ान समय सीमाओं का भविष्य में उल्लंघन होने पर सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। ऐसा होने पर पेनल्टी लगाने के साथ ही लाइसेंस रद्द किया जा सकता है या ऑपरेटर की अनुमति वापस ली जा सकती है।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।