रविवार, मार्च 29 2026 | 02:53:06 AM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / नाटो चीफ मार्क रूट ने भारत पर 100% प्रतिबंध लगाने की दी धमकी

नाटो चीफ मार्क रूट ने भारत पर 100% प्रतिबंध लगाने की दी धमकी

Follow us on:

वॉशिंगटन. नाटो चीफ मार्क रूट ने भारत को रूस के साथ संबंधों को लेकर खुली चेतावनी दी और कहा कि अगर वह रूस के साथ व्यापार जारी रखता है तो गंभीर आर्थिक दंड (सेकंडरी सैंक्शन) का सामना करना पड़ सकता है। भारत के साथ ही उन्होंने चीन और ब्राजील का भी नाम लिया। खास बात ये है कि ये सभी ब्रिक्स समूह के देश हैं। भारत पहले भी कह चुका है कि वह अपने व्यापारिक संबंधों को राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए महत्व देता है। बुधवार को अमेरिकी सीनेटरों से मुलाकात के बाद पत्रकारों के साथ बाचतीत में रूट ने भारत, चीन और ब्राजील के नेताओं से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर शांति वार्ता को गंभीरता से लेने के लिए दबाव डालने का आग्रह किया।

भारत के खिलाफ 100% सेकंडरी टैरिफ

रूट ने कहा, ‘अगर आप चीन के राष्ट्रपति, भारत के प्रधानमंत्री या ब्राजील के राष्ट्रपति हैं और रूस के साथ व्यापार करना और उनका तेल व गैस खरीदना जारी रखते हैं तो आपको पता होना चाहिए, अगर मॉस्को में बैठा व्यक्ति शांति वार्ता को गंभीरता से नहीं लेता है तो मैं 100 प्रतिशत सेकंडरी प्रतिबंध लगा दूंगा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इन तीन देशों के लिए मेरा विशेष प्रोत्साहन यह है कि अगर आप बीजिंग या दिल्ली में रहते हैं या आप ब्राजील के राष्ट्रपति हैं, तो आप इस पर गौर करना चाहेंगे, क्योंकि यह आपको बहुत प्रभावित कर सकता है।’

पुतिन से बात करने की अपील

रूट ने भारत और दोनों अन्य देशों के नेताओं से पुतिन से शांति वार्ता के लिए सीधे तौर पर आग्रह करने अपील की। उन्होंने कहा, ‘प्लीज व्लादिमीर पुतिन को फोन करें और उन्हें बताएं कि उन्हें शांति वार्ता को लेकर गंभीर होना होगा, वरना इसका ब्राजील, भारत और चीन पर बड़े पैमाने पर असर होगा।’

ट्रंप ने भी दी थी टैरिफ की धमकी

नाटी चीफ की टिप्पणी के एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और उसके व्यापारिक साझेदारों के खिलाफ 100 प्रतिशत सेकंडरी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। इसके साथ ही वॉइट हाउस ने नाटो के माध्यम से यूक्रेन को नए हथियारों की सप्लाई की मंजूरी भी दी थी। वॉइट हाउस ने बताया कि ट्रंप की योजना में पैट्रियट मिसाइल सिस्टम जैसे खतरनाक हथियार भेजना शामिल हैं। कीव इन हथियारों को रूसी हवाई हमलों का मुकाबला करने के लिए महत्वपूर्ण मानता है।

साभार : नवभारत टाइम्स

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

Middle East War: इजरायल का ईरान के परमाणु ठिकानों पर भीषण हमला, ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ से दहला मध्य पूर्व; 10 अमेरिकी सैनिक घायल

तेहरान | शनिवार, 28 मार्च 2026 मध्य पूर्व में दशकों से जारी तनाव अब एक …