शनिवार, सितंबर 19 2026 | 12:44:00 AM

ग्रामीणों ने गूगल मैप टीम को चोर समझ की मारपीट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर में गूगल मैप (Google Maps) की सर्वे टीम से मारपीट का मामला सामने आया है. यहां गांव वालों ने उन्हें चोर समझकर रोका और फिर जमकर मार-पीट की. गांव में चोरों के कारण सभी परेशान थे. ऐसे में गूगल मैप की गाड़ी को लोगों ने चोरों की गाड़ी समझ लिया और टीम की पिटाई कर डाली.

इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी. मौके पर पहुंचकर पुलिस ने बड़ी मुश्किल से गूगल मैप कर्मियों को बचाया और मामले में जांच शुरू की. बताया जा रहा है कि महोलिया के ग्रामीणों ने गूगल मैप कर्मियों को चोर समझ लिया था. गांव में गूगल मैप का स्टाफ गाड़ी से सर्वे करने पहुंचा था. गांव वालों ने उन्हें रोककर सवाल किए तो संतोषजनक जवाब न पाकर गांव वाले भड़क गए और स्टाफ को पीट दिया.

जानकारी के अनुसार, मामला साढ़ थाना क्षेत्र के महोलिया गांव का है. बताया जा रहा है कि गूगल मैप कर्मी एक कार से गांव में सर्वे के लिए पहुंचे. गांव में लंबे समय से सभी चोरों से परेशान हैं. गांव वालों को गाड़ी चोरों की लगी. उन्होंने गूगल मैप स्टाफ की गाड़ी रोकी और उनसे पूछताछ की. युवकों के जवाब गांव वालों को संतोषजन नहीं लगे. गांव वालों ने देखा की युवक फोटो लेकर कहीं अपलोड कर रहे थे. इसी के बाद क्षेत्र में हो रही चोरियों से आक्रोशित ग्रामीणों ने स्टाफ को भी चोर समझकर पीट दिया.

गूगल के लिए करते हैं काम

मारपीट की घटना की जानकरी यूपी पुलिस को भी दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गांव वालों से गाड़ी और स्टाफ को छुड़ाया. पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया और स्टाफ से पूछताछ की. पुलिस को युवकों के गूगल मैप के लिए काम करने की जानकारी मिली. पुलिस ने कर्मचारियों को भीड़ से छुड़ाकर सुरक्षित बाहर निकाला. युवक ने बताया कि वो टेक महिंद्रा कंपनी के लिए काम करते हैं, जो गूगल मैप के लिए प्रोजेक्ट कर रही है. पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है. इसकी जानकारी देते हुए साढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक अवनीश कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।