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मुंगेर: हिंदू युवती ने मुस्लिम युवक से रचाया निकाह, परिजनों ने लगाया ‘लव जिहाद’ का आरोप

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. बिहार के मुंगेर जिले से अंतर्धार्मिक विवाह का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इलाके में सांप्रदायिक तनाव और चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। एक हिंदू युवती द्वारा मुस्लिम युवक से विवाह किए जाने के बाद युवती के परिजनों ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, युवती पिछले कुछ दिनों से घर से लापता थी। परिजनों ने काफी खोजबीन की, जिसके बाद उन्हें पता चला कि युवती ने एक मुस्लिम युवक के साथ निकाह कर लिया है। सोशल मीडिया पर दोनों की शादी की तस्वीरें वायरल होने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।

परिजनों के गंभीर आरोप

युवती के परिवार वालों का दावा है कि उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर और डरा-धमकाकर धर्म परिवर्तन कराया गया है। परिजनों ने इसे सोची-समझी साजिश यानी ‘लव जिहाद’ करार देते हुए कहा कि युवक ने अपनी पहचान छुपाकर या गलत जानकारी देकर युवती को प्रेम जाल में फंसाया।

“हमारी बेटी को साज़िश के तहत फंसाया गया है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि इस मामले की गहराई से जांच हो और हमारी बेटी को वापस लाया जाए।” — युवती के पिता

पुलिस की कार्रवाई और युवती का बयान

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस अलर्ट मोड पर है। पुलिस सूत्रों के अनुसार:

  • युवती ने पुलिस के सामने दिए अपने शुरुआती बयान में अपनी मर्जी से शादी करने की बात कही है।

  • पुलिस अब युवती को न्यायालय में पेश कर उसका धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुटी है।

  • सुरक्षा के लिहाज से युवक और युवती के घर के आसपास पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

इलाके में तनावपूर्ण शांति

इस घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है, जबकि पुलिस प्रशासन शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। पुलिस का कहना है कि यदि युवती बालिग है और उसने अपनी मर्जी से फैसला लिया है, तो कानून के तहत उसे अपनी जिंदगी चुनने का अधिकार है, लेकिन जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों की भी जांच की जाएगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।