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उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग का बड़ा कदम: 18 जनवरी को मतदान केंद्रों पर चला ‘वोटर आईडी’ सुधार अभियान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा की देखरेख में रविवार, 18 जनवरी 2026 को पूरे प्रदेश के 1.62 लाख से अधिक मतदेय स्थलों (Polling Stations) पर विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं के नाम जोड़ना और मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध बनाना है।

अभियान की मुख्य बातें:

  1. BLO की उपस्थिति: रविवार की छुट्टी होने के कारण सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सभी बूथों पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाता सूची के साथ उपस्थित रहे।

  2. दावे और आपत्तियां: जिन नागरिकों के नाम सूची में नहीं थे, उन्होंने फॉर्म-6 भरकर आवेदन किया। नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 और संशोधन (जैसे पता या फोटो बदलना) के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया गया।

  3. मृतक और शिफ्टेड वोटर्स पर फोकस: इस बार आयोग का विशेष जोर उन मतदाताओं के नाम हटाने पर है जो या तो मृत हो चुके हैं या स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। हाल ही में यूपी में लगभग 2.89 करोड़ नाम सूची से हटाए गए हैं।

  4. दिव्यांग और वृद्धों के लिए सुविधा: मतदान केंद्रों पर बीएलओ ने वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं की पहचान कर उन्हें विशेष चिन्हित (Marking) किया ताकि भविष्य में उन्हें ‘होम वोटिंग’ जैसी सुविधाएं मिल सकें।

अगले चरण की तारीखें:

यदि आप 18 जनवरी के अभियान में शामिल नहीं हो पाए, तो निराश न हों। आयोग ने अगले विशेष कैंपों के लिए निम्नलिखित तिथियां निर्धारित की हैं:

  • 31 जनवरी 2026 (शनिवार)

  • 01 फरवरी 2026 (रविवार)

ऑनलाइन विकल्प भी उपलब्ध:

मतदाता केंद्र जाने के अलावा नागरिक ‘Voter Helpline App’ या आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in के माध्यम से भी घर बैठे अपना नाम जुड़वा या सुधार सकते हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।