नई दिल्ली । सोमवार, 27 अप्रैल 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन समुद्र मंथन के दौरान निकले अमृत को असुरों से बचाने के लिए भगवान विष्णु ने विश्व-मोहिनी का रूप धारण किया था।
तिथि स्पष्टीकरण : वर्ष 2026 में, एकादशी तिथि का प्रारंभ 26 अप्रैल की रात से हो रहा है, जो 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) को पूरे दिन व्याप्त रहेगी। उदयातिथि के सिद्धांत के अनुसार, व्रत 27 अप्रैल को ही रखा जाएगा। सोमवार का दिन होने के कारण इस बार ‘हरि-हर’ (विष्णु और शिव) का अद्भुत संयोग बन रहा है, जो भक्तों के लिए द्विगुणित फलदायी है।
🌌 ज्योतिषीय विश्लेषण: ग्रहों की चाल और आपका भाग्य
27 अप्रैल 2026 को चंद्रमा का गोचर और सूर्य की स्थिति सभी 12 राशियों के लिए विशेष संदेश लेकर आई है। यहाँ विस्तार से समझें कि यह एकादशी आपके जीवन के विभिन्न पहलुओं को कैसे प्रभावित करेगी:
1. करियर और पेशेवर जीवन (Career & Business)
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मेष, सिंह और वृश्चिक: इन राशियों के लिए मंगल और सूर्य की स्थिति अनुकूल है। यदि आप सरकारी क्षेत्र या नेतृत्व की भूमिका में हैं, तो आज का दिन मील का पत्थर साबित हो सकता है। ‘मैत्रीभूमि समाचार’ के विशेषज्ञों के अनुसार, नई परियोजनाओं को शुरू करने के लिए दोपहर का समय श्रेष्ठ है।
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मकर और कुंभ: शनि प्रधान राशियों को कार्यस्थल पर कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने से जटिल कार्य भी आसान हो जाएंगे।
2. आर्थिक स्थिति और निवेश (Finance)
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वृषभ और धनु: गुरु और शुक्र का प्रभाव आपके धन भाव पर सकारात्मक है। अचानक धन लाभ या पुराने अटके हुए निवेश से रिटर्न मिलने की प्रबल संभावना है।
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कर्क: आपको निवेश के मामले में “रुको और देखो” की नीति अपनानी चाहिए। भावुक होकर बड़ा वित्तीय निर्णय न लें।
3. रिश्ते और मानसिक स्वास्थ्य (Relationships & Health)
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मिथुन और तुला: बुध की स्थिति बौद्धिक क्षमता को बढ़ाएगी, लेकिन तुला राशि वालों को आज अपने स्वास्थ्य, विशेषकर पाचन तंत्र का ध्यान रखने की आवश्यकता है।
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मीन: आपके लिए आत्म-मंथन का दिन है। परिवार के साथ बिताया गया समय पुरानी कड़वाहट को दूर करेगा।
2026 के प्रमुख व्रत और त्यौहारों की सूची – matribhumisamachar.com
🕉️ पूजा विधि और विशेष उपाय
मोहिनी एकादशी पर केवल उपवास ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विधि-विधान से पूजा करना भी आवश्यक है:
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ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: सोमवार का दिन होने के कारण जल में काले तिल डालकर स्नान करना शुभ रहेगा।
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संकल्प: भगवान विष्णु के समक्ष दीप जलाकर व्रत का संकल्प लें।
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तुलसी अर्चन: भगवान विष्णु को तुलसी दल अत्यंत प्रिय है, लेकिन एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें (एक दिन पहले तोड़कर रखें)।
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सोमवार विशेष: चूंकि आज सोमवार है, इसलिए शाम के समय शिव मंदिर में जाकर “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें।
महत्वपूर्ण सूचना: एकादशी व्रत का पूर्ण फल ‘पारण’ (व्रत खोलने) के समय पर निर्भर करता है। 28 अप्रैल 2026 को सूर्योदय के पश्चात शुभ समय में ही व्रत खोलें।
अस्वीकरण: यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणामों में भिन्नता हो सकती है।
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