नई दिल्ली । सोमवार, 27 अप्रैल 2026
भारतीय राजनीति में सोमवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (AAP) के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद उच्च सदन (Rajya Sabha) में अरविंद केजरीवाल की पार्टी का दबदबा लगभग खत्म हो गया है और पार्टी महज 3 सदस्यों पर सिमट कर रह गई है।
इन 7 सांसदों ने थामा भाजपा का दामन
भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों में आम आदमी पार्टी के कई दिग्गज और चर्चित चेहरे शामिल हैं:
1. राघव चड्ढा
2. संदीप पाठक (संगठन महासचिव)
3. स्वाति मालीवाल
4. हरभजन सिंह (पूर्व क्रिकेटर)
5. अशोक मित्तल
6. विक्रमजीत सिंह साहनी
7. राजिंदर गुप्ता
भाजपा बनी और भी शक्तिशाली
7 नए सदस्यों के आने के साथ ही राज्यसभा में भाजपा की सदस्य संख्या 106 से बढ़कर 113 हो गई है। यह भाजपा के संसदीय इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। अब भाजपा को राज्यसभा में महत्वपूर्ण बिल पास कराने में और भी आसानी होगी।
दलबदल कानून (Anti-Defection Law) का पेच
नियमों के मुताबिक, यदि किसी पार्टी के दो-तिहाई (2/3) सदस्य एक साथ पाला बदलते हैं, तो उन पर दलबदल विरोधी कानून लागू नहीं होता। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में कुल 10 सांसद थे, जिनमें से 7 का एक साथ जाना तकनीकी रूप से इस विलय को कानूनी मजबूती प्रदान करता है।
AAP के पास अब कौन बचे?
इस टूट के बाद अब राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के केवल 3 सांसद शेष रह गए हैं:
संजय सिंह
एन.डी. गुप्ता
बलबीर सिंह सीचेवाल
निष्कर्ष
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब कोटे के सांसदों का इस तरह भाजपा में जाना आम आदमी पार्टी के लिए एक अस्तित्वगत संकट (Existential Crisis) की तरह है। जहां भाजपा इसे मोदी लहर का प्रभाव बता रही है, वहीं ‘आप’ ने इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन करार दिया है।
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