चंडीगढ़ । शनिवार, 9 मई 2026
पंजाब की राजनीति में शनिवार (9 मई, 2026) का दिन बेहद नाटकीय रहा। आम आदमी पार्टी (AAP) के कद्दावर नेता और पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा एक बार फिर केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निशाने पर आ गए हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, ED ने मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के एक नए मामले में अरोड़ा के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास और लुधियाना-गुरुग्राम समेत 5 ठिकानों पर सघन छापेमारी की है।
ताजा घटनाक्रम
प्रारंभिक सूचनाओं में संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी की खबरें वायरल हो रही थीं, लेकिन आधिकारिक सूत्रों और नवीनतम मीडिया रिपोर्ट्स (9 मई दोपहर तक) के अनुसार, ED ने फिलहाल छापेमारी और पूछताछ की कार्रवाई को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई अप्रैल 2026 में हुई FEMA (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) जांच के बाद अब PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत एक नए आपराधिक मामले में की गई है।
ED की कार्रवाई के पीछे के मुख्य कारण
जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला निम्नलिखित आरोपों से जुड़ा है:
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GST फर्जीवाड़ा: आरोप है कि ₹100 करोड़ से अधिक के मोबाइल फोन की फर्जी खरीद दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लिया गया।
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राउंड ट्रिपिंग: इन फर्जी बिलों के माध्यम से अवैध धन को दुबई (UAE) भेजा गया और फिर ‘राउंड ट्रिपिंग’ के जरिए वापस भारत लाया गया।
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रियल एस्टेट विवाद: उनके पारिवारिक व्यवसाय ‘हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड’ द्वारा औद्योगिक भूमि के गलत इस्तेमाल के पुराने आरोपों की भी दोबारा समीक्षा की जा रही है।
भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का तीखा प्रहार
जैसे ही छापेमारी की खबर फैली, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर लिखा:
“यह लोकतंत्र की हत्या है। बीजेपी विपक्षी नेताओं को डराने के लिए ED को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। पंजाब इस तानाशाही के आगे कभी नहीं झुकेगा।”
वहीं, AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस कार्रवाई की तुलना ‘मुगलकालीन औरंगजेब की नीतियों’ से करते हुए कहा कि बीजेपी पंजाब में चुनाव जीतने के बजाय एजेंसियों के दम पर डर का माहौल बनाना चाहती है।
निष्कर्ष: आगामी विधानसभा चुनाव और राजनीतिक असर
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है। ऐसे में संजीव अरोड़ा और अशोक मित्तल जैसे बड़े नेताओं पर ED की कार्रवाई ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। जहां ‘आप’ इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, वहीं बीजेपी का कहना है कि एजेंसियां भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना काम कर रही हैं।
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