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बड़ा राजनीतिक उलटफेर: राघव चड्ढा और 6 सांसदों का ‘AAP’ से मोहभंग, भाजपा में होंगे शामिल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

चंडीगढ़ । शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026

आम आदमी पार्टी के लिए आज का दिन किसी बड़े झटके से कम नहीं रहा। पार्टी के सबसे युवा और प्रखर चेहरों में से एक, राघव चड्ढा ने अधिकारिक तौर पर AAP छोड़ दी है। उनके साथ राज्यसभा के 6 अन्य सांसदों ने भी भाजपा का दामन थामने वाले हैं। चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे अब “गलत पार्टी में सही आदमी” बनकर नहीं रहना चाहते थे।

क्या है पूरा मामला?

पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरियां बढ़ती नजर आ रही थीं। हाल ही में उन्हें राज्यसभा के ‘उप-नेता’ पद से भी हटा दिया गया था। चड्ढा ने आरोप लगाया कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है और केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर रही है।

भाजपा में शामिल होने वाले सांसद:

  1. राघव चड्ढा

  2. संदीप पाठक

  3. अशोक मित्तल

  4. हरभजन सिंह

  5. स्वाति मालिवाल

  6. विक्रमजीत सिंह साहनी

  7. राजेंद्र गुप्ता

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10वीं अनुसूची और ‘दो-तिहाई’ का गणित

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण कानूनी पहलू दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) है।

  • राज्यसभा में AAP के कुल 10 सांसद थे।

  • कानून के अनुसार, यदि किसी दल के 2/3 (दो-तिहाई) सदस्य एक साथ किसी अन्य दल में विलय करते हैं, तो उनकी सदस्यता रद्द नहीं होती।

  • राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों का जाना ठीक 70% (दो-तिहाई से अधिक) है, जिससे उनकी सांसदा सुरक्षित रहेगी।

राजनीतिक असर

  • AAP की कमजोरी: राज्यसभा में AAP की ताकत अब सिमट कर केवल 3 रह गई है।

  • भाजपा की मजबूती: उच्च सदन में भाजपा अब और भी अधिक शक्तिशाली हो गई है, जिससे महत्वपूर्ण बिल पास कराना आसान होगा।

  • पंजाब का समीकरण: चूंकि इनमें से अधिकांश सांसद पंजाब से हैं, इसलिए वहां की स्थानीय राजनीति में भी भाजपा को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।