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यूपी में बड़े फेरबदल की तैयारी: योगी मंत्रिमंडल में शामिल होंगे 6 नए चेहरे

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ । शनिवार, 09 मई 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत के बाद अब दिल्ली से लेकर लखनऊ तक की निगाहें उत्तर प्रदेश पर टिकी हैं। बंगाल में पहली बार अपनी सरकार बनाने के बाद भाजपा का अगला बड़ा लक्ष्य उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनावों के लिए किलेबंदी करना है। इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मुलाकात ने प्रदेश के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है।

राजभवन में हलचल और मंत्रिमंडल विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज शाम 6:30 बजे राज्यपाल से मिलने का कार्यक्रम केवल एक औपचारिक शिष्टाचार भेंट नहीं है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल विस्तार के लिए राज्यपाल से समय मांगेंगे।

विशेष सुधार: कुछ सोशल मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा था कि इस बार कई बड़े मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह केवल ‘रणनीतिक विस्तार’ है, न कि बड़ा फेरबदल। पार्टी का ध्यान मंत्रियों को हटाने के बजाय नए चेहरों को जोड़कर सामाजिक समीकरण साधने पर है।

इन चेहरों पर रहेगी नजर

मंत्रिमंडल में कुल 6 पद खाली हैं। पार्टी की रणनीति स्पष्ट है—हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देना। संभावित सूची में निम्नलिखित वर्गों को प्राथमिकता दी जा सकती है:

  • पिछड़ा वर्ग (OBC): 2 नए मंत्री बनाए जाने की संभावना है।

  • ब्राह्मण चेहरा: 2 बड़े ब्राह्मण नेताओं को शामिल कर जातीय संतुलन साधा जा सकता है।

  • दलित एवं महिला: एक दलित नेता और एक महिला विधायक को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

संगठन में भी दिखेगी नई ऊर्जा

दिसंबर 2025 में पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद अब क्षेत्रीय अध्यक्षों और प्रदेश टीम की घोषणा भी इसी महीने होने की उम्मीद है। 11 और 12 मई को लखनऊ में होने वाली दो दिवसीय बड़ी बैठक में प्रदेश के सभी 98 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष हिस्सा लेंगे, जहाँ 2027 की जीत का रोडमैप तैयार होगा।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।