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Saransh Kanaujia

लेखक 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं. कई पुस्तकों का लेखन भी कर चुके हैं. विशेष रूप से राजनीतिक, भारतीय संस्कृति और राष्ट्र से जुड़े विषयों पर लेख लिखते रहे हैं. तात्कालिक विषयों पर भी अच्छी समझा है.

पितृदोष – पहचान और निवारण

अपने पूर्वजों के किये पापों का फल जब उसके वंश में किसी एक जातक को भोगना पड़ता है तो उसे पितृदोष कहा जाता है। महाराज दशरथ ने श्रवण को तीर मारने पर श्रवण के माता-पिता ने शाप दे दिया, ‘‘जैसे हम पुत्र-वियोग में मर रहे हैं, वैसे आप भी पुत्र …

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स्वतंत्रता पूर्व की कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

– सारांश कनौजिया जब भी भारत की स्वतंत्रता के संग्राम की बात आती है. कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि कांग्रेस नहीं होती तो हम गुलाम ही बने रहते. किन्तु क्या यही सत्य है. कांग्रेस के पास इसको साबित करने के लिए कई ऐतिहासिक दस्तावेज हैं. बहुत सी पुस्तकें हैं. …

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हमारा संविधान – क्या भूल गए हम पुरानी शासन प्रणाली

– सारांश कनौजिया भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है. इस बात पर हम सभी को गर्व है. लेकिन ये संविधान बना कैसे? इसमें कौन से नियम रखने चाहिए और कौन से नहीं इसका निर्णय कैसे लिया गया? इन बातों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है. तभी …

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भारत का स्वतंत्रता संग्राम

– सारांश कनौजिया 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से पहले अग्रेजों से हुए संघर्ष   ऐसा माना जाता है कि 1857 में भारतीय स्वतंत्रता के लिए पहला संग्राम हुआ था। लगभग पूरे देश में एक साथ इतना बड़ा विद्रोह संभवतः पहली बार हुआ हो लेकिन इसका एक दूसरा पक्ष भी है। …

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जम्बूद्वीप का इतिहास: जानिए कैसे अखंड साम्राज्य से आज का भारत बन गया यह क्षेत्र

जम्बूद्वीप के प्राचीन मानचित्र की पौराणिक संरचना का चित्रण जिसमें मध्य में सुमेरु पर्वत और वर्ष दिखाए गए हैं।

नई दिल्ली । अपडेटेड : बुधवार, 8 जुलाई 2026 हिंदू धार्मिक ग्रंथों और प्राचीन इतिहास में ‘जम्बूद्वीप’ एक ऐसा नाम है जो हमें हमारी समृद्ध और अत्यंत विशाल सभ्यता की याद दिलाता है। आज जब हम भारत के भूगोल को देखते हैं, तो यह प्राचीन जम्बूद्वीप का एक छोटा सा …

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भक्ति आंदोलन के कुछ महान संत

– सारांश कनौजिया जब-जब भारतीय समाज अधर्म के रास्ते पर चलने लगता है, संत समाज उन्हें सही दिशा दिखाता है. यही संत समाज का कार्य है. भारत पर आक्रान्ताओं के आक्रमण आज से लगभग 2500 वर्ष पूर्व शुरू हो गए थे. किन्तु उस समय आक्रांता देश को लूटने आते थे. …

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आज का हास, परिहास और उपहास – चुटकुले

कुछ शादीशुदा लोग भी धरने पर बैठ गए हैं, बोल रहे हैं शादी में भी अग्निपथ स्कीम लागू करो! ??‍♂️????   मैं यह ग्रुप छोड़ रहा हूँ। ? यदि संभव होगा तो मैं भविष्य में कुछ समय बाद फिर से आपका साथ देने के लिए वापस आऊँगा । लेकिन अब …

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