रविवार, अप्रैल 19 2026 | 10:10:47 AM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / एक भूतिया जंक्शन, जहां से आज तक नहीं गुजरी एक भी गाड़ी

एक भूतिया जंक्शन, जहां से आज तक नहीं गुजरी एक भी गाड़ी

Follow us on:

लंदन. दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं, जिन्हें भूतिया कहा जाता है। ब्रिटेन में भी एक ऐसी जगह है। यह स्थान एक घुमावदार मोटरवे है जिसका नाम एम49 है। इस मोटरवे को घोस्ट जंक्शन यानी भूतिया जंक्शन नाम के से भी जाना जाता है। इसको बनाने में 500 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुए थे, लेकिन सबसे हैरानी वाली बात यह है कि आज तक इसका इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह सड़क अभी तक चालू नहीं की गई है। नेशनल हाईवेज ने एम49 जंक्शन का 2019 के आखिरी में इसका निर्माण पूरा किया था, जो ग्लॉस्टरशायर में एवनमाउथ के पास है।

ब्रिस्टल के पास सेवर्न बीच और चिटरिंग के बीच यह बना है, लेकिन निर्माण पूरा होने के 3 साल बाद भी इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सका है। अभी इस हाइवे में एक लिंक रोड और एक्सेस रूट मार्ग को जोड़ना है। इसकी कमी की वजह से ड्राइवरों को सेवर्नसाइड इंडस्ट्रियल एस्टेट, अमेजन गोदामों, टेस्को और लिडल तक पहुंचने में परेशानी होगी। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भूतिया जंक्शन को चालू करने के लिए बात चल रही है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, साउथ ग्लॉस्टरशायर काउंसिल ने बताया है कि सड़क को चालू करने की योजना का आवेदन पेश किया गया है। इससे समस्या खत्म हो जाएगी। इस योजना का मकसद मोटरवे राउंडअबाउट को स्थानीय बिजनेस पार्क की तरफ जाने वाली सड़कों से जोड़ने के लिए परिवहन विभाग से फंड लेना है।

क्यों कहा जाता है भूतिया जंक्शन?

घोस्ट जंक्शन नाम की वजह से ज्यादातर लोग सोचते हैं कि कुछ भूतिया होने की वजह से कभी भी सड़क चालू नहीं हो पाएगी, लेकिन ऐसा नहीं है। बता दें कि दो से ज्यादा सड़को के मिलने वाली जगह को जंक्शन कहा जाता है। तीन साल पहले बनकर तैयार होने के बाद भी वीरान पड़े होने की वजह से इसे घोस्ट जंक्शन यानी भूतिया जंक्शन कहा जाने लगा। माना जाता है कि इस रूट के शुरू हो जाने से भीड़भाड़ कम होगी। साइकिल मार्ग मजबूत होंगे और इससे सेवर्नसाइड इंडस्ट्रियल एस्टेट तक सीधी पहुंच हो जाएगी।

साउथ ग्लॉस्टरशायर काउंसिल के एक प्रवक्ता का कहना है कि एप्लीकेशन के स्वीकार होने का अभी इंतजार किया जा रहा है, लेकिन माना जाता है कि कंस्ट्रक्शन अगले साल  शुरू किया जा सकता है। अधिकारियों का अनुमान है कि योजना के शुरू होने के बाद एक साल के अंदर काम पूरा हो जाएगा। हालांकि उनका कहना है कि अभी यह परियोजना बहुत मुश्किल है। वर्तमान में निर्माण की अगले साल शुरुआत होनी है, लेकिन यह योजना प्रक्रिया और निजी स्वामित्व वाली भूमि को सुरक्षित रखने पर निर्भर करती है।

जब तक परिषद को जिस लेन की जरूरत है, वह नहीं मिल जाती है, तब तक सब कुछ अधूरा रहेगा। यह अब तक एक समस्या है। इसमें जमीन ks मालिक को लेकर कई समस्या देखने को मिली हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि साल 2025 तक यह सड़क पूरी तरह शुरू हो सकती है।

साभार : अमर उजाला

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon।in/dp/9392581181/

https://www।flipkart।com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

पाकिस्तान में चिकित्सा त्रासदी: एक ही सिरिंज से 330 से अधिक बच्चों को हुआ HIV, BBC की रिपोर्ट में रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा

इस्लामाबाद | बुधवार, 15 अप्रैल 2026 पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित तौंसा (Taunsa) के Tehsil …