रविवार, सितंबर 13 2026 | 04:06:51 PM

एसबीआई में कई योजनाओं के पंजीकरण के लिए सिर्फ आधार कार्ड होगा जरुरी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India-SBI) की ओर से ग्राहकों के लिए सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स में केवल आधार के जरिए पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई है। इस सुविधा के शुरू होने के देश में बड़ी संख्या में लोग एसबीआई के सीएसपी पर जाकर आधार जरिए सरकारी सुविधाओं में पंजीकरण करा पाएंगे।

CSPs पर उपलब्ध होगी ये सेवा

एसबीआई के चेयरमैन दिनेश खारा ने इस नए फीचर को शुरू करते हुए कहा कि ये सुविधा बैंक के कस्टमर सर्विस प्वाइंट्स पर उपलब्ध होगी। सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स में प्रोसेस को आसान बनाना है।

कैसे ले सकते हैं इस सुविधा का फायदा?

इस सुविधा के जरिए आप सरकारी योजनाओं में आधार के जरिए पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए ग्राहकों को बैंक के सीएसपी प्वाइंट्स पर जाना होगा। फिर आसानी से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना जैसी स्कीम्स में केवल आधार से पंजीकरण करा सकते हैं। बैंक की ओर से बयान में कहा गया कि ग्राहकों को अब इस तरह की सोशल स्कीम्स में पंजीकरण के लिए पासबुक ले जाने की जरूरत नहीं होगी।

समाज को सशक्त बनाना उद्देश्य

खारा ने आगे कहा कि इस नए फीचर को लाने का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को सशक्त बनना है और फाइनेंसियल सिक्योरिटी के अवरोधों को हटाना है। इससे हम आशा करते हैं कि सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिलेगा।

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क्या होते हैं CSP?

CSP का पूरा नाम कस्टमर सर्विस प्वाइंट है। सीएसपी बैंक का आधिकारिक प्रतिनिधि होता है। ये बेसिक बैंकिंग सेवाएं जैसे अकाउंट ओपनिंग, नकद जमा और निकासी, बैलेंस पता करना और फंड ट्रांसफर जैसी सुविधाएं देता है।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।