बुधवार, जनवरी 28 2026 | 03:57:55 PM
Breaking News
Home / राज्य / उत्तरप्रदेश / कम से कम रामायण-कुरान जैसे धार्मिक ग्रंथों को तो बख्श दीजिए : हाईकोर्ट

कम से कम रामायण-कुरान जैसे धार्मिक ग्रंथों को तो बख्श दीजिए : हाईकोर्ट

Follow us on:

लखनऊ. फिल्म आदिपुरुष में श्रीराम कथा को बदलकर निम्नस्तरीय दिखाने के आरोपों के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सख्त रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान सोमवार को कोर्ट ने पूछा फिल्म सेंसर बोर्ड क्या दिखाना चाहता है? क्या वह अपनी जिम्मेदारियों को नहीं समझता है? कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं से कहा कि सिर्फ रामायण ही नहीं बल्कि पवित्र कुरान, गुरु ग्रंथ साहिब और गीता जैसे धार्मिक ग्रंथों को तो कम से कम बख्श दीजिए। बाकी जो करते हैं, वो तो कर ही रहे हैं।

कोर्ट ने फिल्म के निर्माता, निर्देशक सहित अन्य प्रतिवादियों की कोर्ट में अनुपस्थिति पर भी कड़ा रुख अपनाया और सेंसर बोर्ड से मंगलवार को मामले में जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की ग्रीष्मावकाश खंडपीठ ने यह आदेश एक जनहित याचिका पर दिया। याची ने फिल्म में रावण द्वारा चमगादड़ को मांस खिलाने, काले रंग की लंका, चमगादड़ को रावण का वाहन बताने, सुषेन वैद्य की जगह विभीषण की पत्नी को लक्ष्मण को संजीवनी बूटी देने, आपत्तिजनक संवाद व अन्य तथ्यों को कोर्ट में रखा है।

सेंसर बोर्ड ने नहीं दिया जवाब
याची ने दो अक्तूबर, 2022 को फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने पर उसमें कई आपत्तिजनक तथ्य होने की बात कहते हुए ट्रेलर व फिल्म दोनों पर प्रतिबंध लगाने की याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को नोटिस जारी किया था। पर बोर्ड ने जवाब नहीं दिया। फिल्म निर्माता ने इसकी रिलीज तारीख को छह महीने के लिए यह कहकर टाल दिया कि हम सुधार करेंगे। फिल्म आने पर पता चला कि इसमें आपत्तिजनक सामग्री मौजूद है।

साभार : अमर उजाला

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www.amazon.in/dp/9392581181/

https://www.flipkart.com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

गणतंत्र दिवस के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष सजावट।

माघ मेला और गणतंत्र दिवस का अद्भुत संयोग: राम मंदिर और संगम पर उमड़ा आस्था का महाकुंभ

लखनऊ. जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में भारत एक अद्भुत आध्यात्मिक और राष्ट्रभक्ति के संगम …