बुधवार, सितंबर 16 2026 | 08:48:40 PM

हेमंत सोरेन ने तीसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री पद की ली शपथ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रांची. हेमंत सोरेन ने गुरुवार शाम झारखंड के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन शाम पांच बजे राजभवन में हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. सोरेन तीसरी बार झारखंड के सीएम बने हैं. हेमंत सोरेन को बुधवार को विधायक दल का नेता चुना गया था और कल ही चंपाई सोरेन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. सोरे ने कल ही विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंपा था.

शपथ ग्रहण के दौरान राजभवन में हेमंत सोरेन के पिता शिबू सोरेन, उनकी मां और पत्नी कल्पना सोरेन भी नजर आईं. सिर्फ हेमंत सोरेन ने सीएम पद की शपथ ली. हालांकि आज किसी भी विधायक ने मंत्री पद की शपथ नहीं ली. सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट का विस्तार जल्द ही किया जाएगा.

जेएमएम ने इससे पहले दिन में बताया था कि राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने हेमंत सोरेन को राज्य में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है और वह सात जुलाई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.. बाद में जेएमएम ने फैसला किया कि सोरेन आज ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

चंपई सोरेन ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में जमानत पर रिहा हुए हेमंत सोरेन ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था। जेएमएम के नेतृत्व में गठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राजभवन में राज्यपाल राधाकृष्णन से मुलाकात की थी. शिष्टमंडल में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल नेता सत्यानंद भोक्ता तथा विधायक विनोद सिंह शामिल रहे थे. हेमंत सोरेन की पत्नी और गांडेय से विधायक कल्पना सोरेन भी शिष्टमंडल में शामिल थीं.

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साभार : न्यूज़18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।