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रोंगटे खड़े कर देगा फिल्म स्वातंत्र्य वीर सावरकर का जारी हुआ ट्रेलर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई. देशभक्ति से लबरेज, भारत के लिए जान देने वाले हमारे वीरों की जिंदादिल कहानी एक बार फिर से बड़े पर्दे पर लौटने जा रही है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों में शामिल वीर सावरकर की कहानी पर बनी फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ का ट्रेलर आ गया है। इस ट्रेलर को देखकर अब लगातार लोगों के रिएक्शंस सामने आ रहे हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे हमारे देश में लीच की तरह चिपक चुके ब्रिटिश राज को यहां से हटाने के लिए हमारे देश के वीरों ने अपनी जी- जान लगा दी थी। रणदीप हुड्डा की फिल्म Swatantrya Veer Savarkar के इस ट्रेलर की जमकर तारीफ हो रही है।

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों में वीर सावरकर की अपनी एक खास जगह है और इस फिल्म में यही दिखाया गया है। वीर सावरकर को लेकर अंग्रेज सरकार किस कदर परेशान हो उठी थी और वो उन्हें ये एहसास दिला चुके थे कि उन्होंने जो कुछ किया है वो कितना गलत किया है। इस फिल्म में रणदीप हुड्डा वीर सावरकर के किरदार में दिखे हैं और अपने इस रोल को बखूबी जिया है, जिसे देखकर आपको एक पल के लिए लगेगा कि हम उनके बीच ही कहीं मौजूद हैं। रणदीप ने अपनी एक्टिंग से इस फिल्म में जान फूंक दी है। इस रोल के लिए उनके लुक्स में गजब का ट्रांसफॉर्मेशन भी दिखा है।

‘क्योंकि देश धर्म से ऊपर होता है’

फिल्म में वीर सावरकर के रोल में रणदीप के कुछ डायलॉग्स इस तरह से हैं, ‘1857 की लड़ाई में हिन्दू और मुसलमान एक होकर लड़े थे क्योंकि देश धर्म से ऊपर होता है। माजिनी ने अखंड इटली बनाया था, हम अखंड भारत बनाएंगे।’ वहीं अंकिता लोखंडे के साथ एक सीन है जिसमें वह कहती दिखती हैं- सागर के उस पार जाने से अशुभ हो सकता है। इसपर ‘वीर सावरकर’ कहते दिखते हैं- ये सागर तो भारत माता के चरण धोता है, पूरी दुनिया घुमाकर मुझे फिर से तु्महारे पास ले आएगी।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।