लोड हो रहा है...

अगले महीने नक्सलियों के विरुद्ध अभियान पर बनी फिल्म बस्तर होगी रिलीज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

मुंबई. पिछले साल आई दिग्गज फिल्म निर्माता विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ ने बॉक्स-ऑफिस पर वो कमाल कर दिखाया था जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी. कम बजट में बनी इस फिल्म ने कमाई के मामले में बड़ी-बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया था. अब विपुल अमृतलाल शाह ‘द केरल स्टोरी’ की एक्ट्रेस अदा शर्मा और निर्देशक सुदिप्तो सेन संग एक बार फिर एक और धमाकेदार फिल्म लेकर आ रहे हैं. ‘द केरल स्टोरी’ की अपार सफलता के बाद अब ये तिकड़ी अपकमिंग फिल्म ‘बस्तर: द नक्सल स्टोरी’ पेश करने जा रही है. आज इस फिल्म का टीजर रिलीज हो गया है.

फिल्म की पहली झलक में अदा शर्मा धमाकेदार अंदाज में नजर आई हैं. ‘बस्तर: द नक्सल स्टोरी’ में एक्ट्रेस एक आईपीएस अफसर के किरदार में नजर आती हैं जो बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई करती हैं. उन्होंने देश के जवानों की क्रूरता से हत्या करने वालों के खात्मे का प्रण लिया है. फिल्म के टीजर में एक्ट्रेस कहती नजर आती हैं कि जब बस्तर में नक्सली देश के जवानों को मार रहे थे, उस वक्त कुछ संस्थानों में उनकी मौत का जश्न मनाया जा रहा था.

धमाकेदार है टीजर
फिल्म के 1 मिनट 15 सेकंड लंबे टीजर में एक्ट्रेस बस्तर के नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई की कसम खाते हुए बड़े शहरों में बैठे वामपंथियों के खात्मे की बात करती हैं. फिल्म के टीजर से अंदाजा लगाया जा सकता है कि फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ के तर्ज पर ही बनाई गई है. अदा शर्मा स्टारर और विपुल शाह द्वारा निर्मित ये फिल्म 15 मार्च को थिएटर्स में दस्तक देने जा रही है.

साभार : न्यूज़18

- Advertisement -

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon.in/dp/9392581181/

https://www।flipkart.com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।