शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 10:56:14 PM

हरियाणा कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर घमासान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

चंडीगढ़. हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों पर वोटों की काउंटिंग से पहले कांग्रेस में घमासान मचता हुआ नजर आ रहा है। लगभग सभी एग्जिट पोल्स में कांग्रेस को बहुमत में दिखाया गया है। जिसके बाद अब यहां CM की कुर्सी को लेकर खींचतान तेज हो गई है। दिल्ली में CM बनने के बारे में जब भूपेंद्र हुड्‌डा से पूछा गया तो उन्होंने कहा- ”मैं न टायर्ड हूं और न रिटायर्ड हूं। विधायकों के मत और हाईकमान के फैसले से CM तय होगा।”

सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा ने भी दिल्ली में मीडिया के सामने पिता की पैरवी करते हुए कहा- ””हुड्‌डा साहब (भूपेंद्र हुड्‌डा) ने बड़ी मेहनत की है। चुनाव में सबका योगदान है लेकिन हुड्‌डा साहब का विशेष योगदान है जो चुनाव में कांग्रेस की स्ट्रेंथ बनी है।” CM चेहरे की दावेदारी पर जब सांसद कुमारी सैलजा ने पूछा गया तो उन्होंने कहा- ”इसका फैसला विधायक दल की बैठक में होगा। उन्होंने कहा कि कई उम्मीद होती है लोगों की, चाहे दलित की बात हो या महिला की हो, हाईकमान को सब पता है।”

दीपेंद्र-उदयभान के नाम की भी चर्चा कांग्रेस में मची खींचतान के बीच 2 और नामों की सीएम को लेकर चर्चा हो रही है। इनमें पहला नाम दीपेंद्र हुड्‌डा का है। हालांकि जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने हाईकमान के फैसला करने की बात कहकर इसे टाल दिया। दूसरा नाम हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभान का है। उदयभान दलित नेता हैं। अगर कुमारी सैलजा जाट चेहरे भूपेंद्र हुड्‌डा की जगह दलित चेहरे की बात पर अड़ीं तो हाईकमान के पास हुड्‌डा ग्रुप से चौधरी उदयभान का नाम सामने आ सकता है। कांग्रेस पंजाब में भी कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाकर दलित चेहरे चरणजीत चन्नी को सीएम बना चुकी है। हालांकि विधानसभा चुनाव से पहले यह प्रयोग किए जाने से कांग्रेस को सत्ता से बाहर होना पड़ा।

कांग्रेस नेताओं की CM बनने के लिए दौड़

भूपेंद्र हुड्‌डा ने दिल्ली में डेरा डाला 2 बार मुख्यमंत्री रह चुके भूपेंद्र हुड्‌डा रविवार रात ही रोहतक से दिल्ली रवाना हो गए। जहां उनकी कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया से मुलाकात हुई। शाम को वे राहुल गांधी से भी मिल सकते हैं। इससे पहले रविवार को उन्होंने अपने भरोसेमंद कांग्रेस उम्मीदवारों से रोहतक में मीटिंग भी की। दिल्ली में उनसे ऑल इंडिया किसान कांग्रेस के वाइस चेयरमैन बजरंग पूनिया और प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने उनसे मुलाकात की है। इसके अलावा हुड्‌डा की हिमाचल प्रदेश के प्रभारी राजीव शुक्ला से भी मुलाकात हुई है।

- Advertisement -

सैलजा ने गाय की पूंछ का आशीर्वाद लिया CM की दूसरी बड़ी दावेदार कुमारी सैलजा वोटिंग के दिन ही राजस्थान में सालासर धाम पहुंच गईं थी। वहां पूजा करने के बाद उन्होंने गाय की पूंछ से भी CM बनने का आशीर्वाद लिया। रणदीप सुरजेवाला ने केदारनाथ धाम में माथा टेका तीसरे दावेदार रणदीप सुरजेवाला ने एग्जिट पोल आने के बाद उत्तराखंड में केदारनाथ धाम में माथा टेका है। वह चुनाव के दौरान भी मुख्यमंत्री बनने की महत्वकांक्षा जाहिर कर चुके हैं।

कांग्रेस हाईकमान ने 2 नेताओं की ड्यूटी लगाई हरियाणा में कांग्रेस सरकार बनने की सूरत में किसी तरह की सेंधमारी न हो, इसके लिए हाईकमान भी एक्टिव हो चुका है। हाईकमान ने AICC के महासचिव केसी वेणुगोपाल और अजय माकन को हरियाणा पर नजर रखने के लिए कहा है। वोटिंग से पहले ही केंद्रीय ऑब्जर्वर्स के नाम तय किए जा रहे हैं। हालांकि इन्हें रिजल्ट आने के बाद ही चंडीगढ़ भेजा जाएगा।

साभार : दैनिक भास्कर

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

- Advertisement -

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।