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नायब सैनी ने हरियाणा विधानसभा में साबित किया बहुमत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चंडीगढ़. हरियाणा में एक दिन पहले मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया है। 12 मार्च को शपथ ग्रहण के बाद एक दिन का विधानसभा सत्र बुलाया गया था। करीब चार घंटे की चर्चा के बाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूरी मिल गई। प्रस्ताव के समर्थन में 48 वोट पड़े। इस दौरान जननायक जनता पार्टी के विधायक विधायक विधानसभा में मौजूद नहीं रहे। पार्टी की ओर से विधानसभा से गैरहाजिर रहने का व्हिप जारी किया गया था।

मनोहर लाल की तारीफ की

विधानसभा में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विश्वास मत रखा। इसके बाद विश्वास मत पर चर्चा का जवाब देते हुए सीएम सैनी ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की काफी तारीफ की। उन्होंने पिछले 9 साल में खट्टर सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। चर्चा के दौरान कई बार ऐसे मौके आए, जब नायब सिंह मनोहर लाल को सीएम कहकर संबोधित करते रहे। जब सदस्यों ने उन्होंने टोका तो उन्होंने ‘मुझे सब याद है’ बोलकर अपनी गलती सुधारी। बता दें कि मंगलवार अचानक हरियाणा में सत्ता परिवर्तन हुआ था और मनोहर लाल खट्टर की जगह नायाब सिंह सैनी मुख्यमंत्री चुने गए थे। नई सरकार बनाने से पहले बीजेपी ने एकतरफा जेजेपी से गठबंधन तोड़ लिया था।

हुड्डा ने सदन में कसा तंज

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की तरफ से रखे गए विश्वास मत की चर्चा में पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्‌डा ने भाग लिया। हुड्डा ने कहा कि मालूम था सबको एक दिन बेवफा यार बदलेंगे। नाटक वही रहेगा, किरदार बदलेंगे, तुम CM बदलते रहना, एक दिन हम पूरी सरकार बदलेंगे। कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि बीजेपी ने राज्य में जाट वोटों में बंटवारे के लिए यह पूरा सियासी ड्रामा किया है। इससे पहले हरियाणा सरकार में मंत्री और निर्दलीय विधायक रणजीत चौटाला ने विश्वास मत के पक्ष में अपने विचार रखे। चौटाला ने कहा कि अप्रैल में लोकसभा चुनाव आ रहा है इनकी टिकट लेने के लिए लोग तैयार नही है। सोनिया गांधी ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया राहुल गांधी वायनाड से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। कांग्रेस ने किया विरोध रघुबीर क़ादियान ने कहा किसी पर कीचड़ उछालना अच्छी बात नही है। रंजीत चौटाला ने कहा कि अप्रैल में मेंडेट मिलेगा जिसमें पता लग जाएगा कौन कहां खड़ा है?

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।