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हिमाचल प्रदेश में बढ़ेंगे दूध के दाम, कांग्रेस सरकार ने बढ़ाई एमएसपी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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शिमला. हिमाचल प्रदेश सरकार ने डेयरी किसानों (Dairy Farmers) को बड़ा तोहफा दिया है. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को अपना दूसरा राज्य बजट पेश किया. गाय के दूध और भैंस के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की घोषणा की. साथ ही, गोवंश के लिए 1,200 रुपये प्रति गोवंश अनुदान देने का एलान किया है. बजट में सीएम ने कृषि क्षेत्र के लिए 582 करोड़ रुपये और बागवानी क्षेत्र के लिए 300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.

गाय-भैंस के दूध का MSP बढ़ा

हिमाचल प्रदेश सरकार ने बजट में गाय के दूध और भैंस के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाकर क्रमश: 45 और 55 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की.  पहले गाय के दूध पर एमएसपी 38 रुपये और भैंस के दूध पर एमएसपी 47 रुपये प्रति लीटर थी.

इसके अलावा, उन्होंने राजीव गांधी प्राकृतिक खेती योजना (Rajiv Gandhi Prakriyat Kheti Yojana) की भी घोषणा की, जिसका उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती (Natura Farming) तकनीकों में प्रशिक्षित करना है. इस योजना के तहत लगभग 36,000 किसानों यानी हर पंचायत से 10 किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा.

सेब पैकेजिंग के लिए सुक्खू ने घोषणा की कि यूनिवर्सल कार्टन पेश किए जाएंगे और उत्तरी राज्य में बागवानी पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा. इसके अलावा, भेड़ बकरी पालक प्रोत्साहन योजना के तहत 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. हिमाचल सरकार ने मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी 240 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये करने की घोषणा की.

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साभार : जी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।