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नक्सलियों के हमले में गश्त से लौट रहे 2 आईटीबीपी जवानों का बलिदान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रायपुर. छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में विस्फोट थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब फिर से जिले में नक्सलियों ने एक बारूदी विस्फोट करके सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है। यह घटना उस समय हुई जब भारतीय तिब्बती सीमा पुलिस (ITBP) की एक गश्त दल नक्सल विरोधी सर्च अभियान से लौट रही थी। मिली जानकारी के अनुसार, जैसे ही टीम गश्ती अभियान के बाद लौट रही थी, नक्सलियों ने उनके रास्ते में आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) लगाकर विस्फोट किया। इस धमाके में दो जवान शहीद हो गए हैं। इस हमले में नारायणपुर जिला पुलिस के दो जवान घायल हो गए हैं।

बारूदी विस्फोट में सुरक्षा बलों को बनाया निशाना

नक्सलियों ने एक बारूदी विस्फोट करके सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है। यह घटना उस समय हुई जब भारतीय तिब्बती सीमा पुलिस (ITBP) की एक गश्त दल नक्सल विरोधी सर्च अभियान से लौट रही थी। घायल जवानों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। इस हमले के बाद, सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन बढ़ा दिया है और नक्सलियों की खोजबीन शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार जिला नारायणपुर के ओरछा, मोहंदी और ईरकभट्टी से आईटीबीपी, बीएसएफ और डीआरजी की संयुक्त पार्टी ने 19 अक्टूबर 2024 को धुरबेड़ा की ओर नक्‍सल सर्चिंग के लिए रवाना हुई थी।

नक्सल गतिविधियों के खिलाफ किया गया था ऑपरेशन

यह ऑपरेशन नक्सल गतिविधियों के खिलाफ क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी। जवानों की टीम सर्चिंग ऑपरेशन से वापसी के दौरान लगभग 11:30 से 12:00 बजे के बीच जवान ग्राम कोडलियर के समीप एक घने जंगल में पहुंचे। इस दौरान, एक आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) ब्लास्ट हुआ, जिसकी चपेट में आने से आईटीबीपी के दो जवान शहीद हो गए। इस हमले में नारायणपुर जिला पुलिस के दो जवान भी घायल हो गए हैं।

CM विष्णुदेव ने भी जताया दुख

घटना को लेकर सीएम विष्णु देव साय का भी ट्वीट सामने आया है, उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके घटना में शहीद हुए जवानों के लिए संवेदना जाहिर की है। उन्होंने लिखा, नारायणपुर जिले के ग्राम कोडलियर के समीप जंगल में आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आने से आईटीबीपी के 2 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए। ब्लास्ट में 2 पुलिस जवानों के घायल होने की भी दुःखद सूचना प्राप्त हुई है। ईश्वर से शहीद जवानों की आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करने व घायल जवानों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।