शनिवार, सितंबर 19 2026 | 04:20:36 AM

भाजपा ने सहयोगियों के साथ महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए किया समझौता

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. चुनाव के मद्देनजर सत्तारूढ़ गठबंधन ने सीटों का समझौता कर लिया है. शुक्रवार रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ उनके आवास पर बैठक की थी. बैठक में प्रदेश की 288 सीटों पर भाजपा, शिवसेना शिंदे और एनसीपी (अजित गुट) के बीच आम सहमति बन गई है. सूत्रों की मानें तो भाजपा 155, शिवसेना 78 और एनसीपी 55 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. बैठक में छोटी पार्टियों को भी सीट दी जाएगी, जो भाजपा अपने खाते से देगी. कुछ सीटों पर पेंच फंसा हुआ है, जो राज्य स्तर पर सुलझाया जाएगा. शाह से मुलाकात के बाद फडणवीस और पवार तो मुंबई वापस आ गए हैं पर एकनाथ शिंदे अब भी दिल्ली में ही है.

भाजपा आज 106 नामों की पहली लिस्ट जारी कर सकती है

सीट शेयरिंग समझौते पर मुहर लगने के बाद भाजपा आज शायद 106 प्रत्याशियों के नामों की पहली लिस्ट कर दे. 106 वे सीटें होंगी, जहां से देवेंद्र फडणवीस जैसे भाजपा के कद्दावर नेता चुनाव लड़ेंगे.

राज ठाकरे के बेटे भी आजमा सकते हैं किस्मत

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे को भी चुनाव मैदान में उतारने के बारे में सोच रही है. ठाकरे के लिए मुंबई के माहिम या फिर भांडुप पश्चिम सीट से उतारा जा सकता है, फिलहाल उनके लिए अच्छी सीटों का जायजा लिया जा रहा है. माहिम सीट वर्तमान में एकनाथ शिंदे के पास है तो भांडुप उद्धव ठाकरे की पार्टी के पास.  खास बात है कि अगर माहिम से मनसे अमित को उतारती है तो शिवसेना इस सीट से अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी क्योंकि 2019 विधानसभा चुनाव में आदित्य ठाकरे जब पहली बार चुनावी मैदान में उतरे तो एमएनएस ने वर्ली सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था.

क्या बोले शरद पवार

विपक्षी महाविकास अघाड़ी भी सीट शेयरिंग के बारे में चर्चा कर रही है. सतारा में शरद पवार ने कहा कि महा विकास आघाड़ी के तीनों दलों के बीच 288 में से 200 सीट पर आम सहमति बन चुकी है. उन्होंने हरियाणा चुनाव के नतीजों का असर महाराष्ट्र के चुनाव पर नहीं पड़ेगा.

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साभार : न्यूजनेशन

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।