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वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करने वाले बुजुर्ग मुसलमान पर जानलेवा हमला करने के आरोप में 3 गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के संभल में बीती शाम मस्जिद से नमाज अदा कर निकले वृद्ध जाहिद सैफी पर कई दंबगों ने हमला बोल दिया। दंबगों ने वृद्ध के साथ लाठी-डंडों से जमकर पिटाई की। वृद्ध का आरोप है कि उसने वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किया, जिससे आरोपी उग्र हो गए। इस मामले में संभल पुलिस का कहना है कि दोनों पक्ष में पूर्व से चुनाव को लेकर विवाद चल रहा है, जिसमें कहासुनी के दौरान एक पक्ष ने मारपीट की। गुन्नौर थाने में मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

दरअसल संभल में जाहिद सैफी को वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करना मंहगा पड़ गया। गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले जाहिद सैफी गुरुवार की शाम अबू बकर मस्जिद से नमाज अता कर बाहर निकले। इस दौरान वक्फ बिल को लेकर कुछ लोगों से उनकी कहासुनी हो गई। जाहिद ने वक्फ बिल के समर्थन की बात की। आरोप है कि इस दौरान रिजवान, शोएब, नौशाद समेत करीब कई लोगों ने लाठी डंडे और धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में जाहिद गंभीर रूप से घायल हो गए है। वहीं हमलावर घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए है।

सोशल मीडिया पर वक्फ बिल को दिया समर्थन

मामले की जानकारी के बाद गंभीर रूप से घायल वृद्ध जाहिद को थाने लाया गया जहां से उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

चुनाव के समय से चल रहा विवाद

संभल एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि थाने आकर जाहिद सैफी नाम के वृद्ध ने सूचना दी कि जब कल शाम चार बजे ये नमाज पढ़कर मस्जिद से बाहर निकले तब नौशाद, रिजवान और शोएब आदि ने मारपीट की। इन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इन दोनों पक्षों के बीच पूर्व में चुनाव को लेकर विवाद था। इसी को लेकर कहासुनी हुई और फिर मारपीट की गई। वक्फ बिल को लेकर जो उनके आरोप है, वो वर्तमान स्थिति को देखते हुए वृद्ध ने बनाए है। इस तरीके की कोई बात प्रकाश में नहीं आई है।

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साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।